रिपोर्ट – प्रशांत कुमार!
बेगूसराय में नियोजित शिक्षकों ने निकाला विशाल मसाल जुलूस, हजारों शिक्षक शिक्षिका हुए आंदोलन में शामिल
बेगूसराय में नियोजित शिक्षकों ने विशाल मसाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद क्या है। दरअसल बिहार सरकार के द्वारा नियोजित शिक्षकों को क्षमता परीक्षा पास करने के बाद राज्यकर्मी का दर्जा देने की नियम बनाया है उसे नियम के अनुसार नियोजित शिक्षकों को तीन बार में क्षमता परीक्षा पास करना होगा नहीं तो शिक्षकों को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा इसके खिलाफ जिले के हजारों शिक्षकों ने विशाल मसाल जुलूस जिले के जे,के हाई स्कूल से मसाल जुलूस निकालकर ट्रैफिक चौक ,अंबेडकर चौक, नगर थाना चौक,विभिन्न चौक चौराहे से गुजरते हुए हड़ताली चौक पर विशाल पहुंच कर जनसभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष साकेत सुमन ने कहा कि नियोजित शिक्षकों को के साथ सतेला व्यवहार किया जा रहा है और क्षमता परीक्षा पास की बात कर रही है जबकि शिक्षकों ने कई बार क्षमता परीक्षा पास कर चुका है। हम सरकार के नियम का पालन नहीं करेंगे अगर सरकार मेरी बात नहीं मानेगी तो हम सरकार के खिलाफ लगातार आंदोलन करेंगे। संघ के प्रधान सचिव राम कल्याण पासवान ने कहा की सरकार नियोजित शिक्षकों को हर हमेशा घोखा देने का काम किया है।इस बार भी राज्यकर्मी देने के नाम पर क्षमता परीक्षा की बात कह रहे हैं और तीन बार पास नहीं करने पर सेवा से मुक्ति करने की बात कर रहे हैं सरकार के ऐसा नियम को हम सख्त विरोध करते हैं आज हम मसाल जुलूस निकालकर सरकार को चेतावनी दे रहे हैं अगर मेरी बात नहीं मानेंगे तो 13 फरवरी को पटना में विशाल महाधरना का आयोजन किया जाएगा जिससे सरकार को हम बेबस कर देंगे और पूरे बिहार में जो भी स्थिति उत्पन्न हो जाएगी जिसकी सारी जवाब दे ही सरकार की होगी।
बाइट:-राम कल्याण पासवान प्रधान महासचिव
बाइट:-साकेत सुमन अध्यक्ष




