रिपोर्ट – सुमित कुमार
-जादुई आवाज से कायल करने वाले बालीवुड सिंगर सचेत-परंपरा की जोड़ी ने महोत्सव को बनाया यादगार।दो दिवसीय अंग महोत्सव रंगारंग कार्यक्रम के साथ हुआ संपन्न, आयुक्त ने किया उद्धाटन
Vo-मुंगेर: श्रोताओं को अपनी जादुई आवाज से कायल कर देने वाले बालीवुड सिंगर सचेत और परंपरा की जोड़ी ने रविवार की शाम को यादगार बना दिया। अवसर था पोलो मैदान में चल रहे दो दिवसीय अंग महोत्सव के समापन का। पहली बार बिहार और मुंगेर पहुंचे युवा दिलों की धड़कन सचेत ने महोत्सव के अंतिम दिन पोलो मैदान में एक से बढ़कर एक गीतों की बौछार कर अपनी आवाज से युवाओं को मदमस्त कर दिया। मुंगेर के युवा सचेत और परंपरा के गीतों में इस कदर खो गए कि महोत्सव के समापन का पता ही नहीं चला। दो दिवसीय महोत्सव तो संपन्न हो गया, लेकिन दोनों के गीतों का जो नशा यहां के युवाओं पर पड़ा उसकी खुमारी कई दिनों तक तक रहेगी। सचेत-परंपरा के अंग महोत्सव में आने की खबर से यहां के युवा इतने उत्साहित थे कि उनका कार्यक्रम शुरू होने के काफी देर पहले ही महोत्सव स्थल पोलो मैदान में अपनी सीट सुरक्षित करने के लिए पहुंचने लगे थे। निर्धारित समय पर सचेत और परंपरा जब मंच पर पहुंचे तो युवाओं को जोश हिलोरे मारने लगा। हाथ हिलाकर दोनों ने शहरवासियों का अभिवादन स्वीकार करते हुए अपने गायकी की पेशकश की। जैसे ही उन्होंने अपने चर्चित गीत रहना तुम पल-पल दिल के पास…, सीने में सिर को लगा के सुनता रहूं नाम अपना ओ ओ नाम अपना…, गीत की शुरुआत की तो मौजूद युवा श्रोता उनके साथ साथ गुनगुना कर कुर्सी से उठकर तालियां बजाने लगे। गीतों का सिलसिला अब शुरू ही हुआ था कि दोनों ने एक हो गए हम और तुम और उड़ गई नींदे रे हम्मा हम्मा…पेश की तो दर्शक झूमने लगे। ठंड और रात के सन्नाटे के दर्द को युवा महसूस करते हुए गाने को गुनगुना रहे थे। इस बीच युवा उनकी नई गीतों की लगातार डिमांड कर रहे थे। वे युवाओं की मांग पर पूरी गीत न सही लेकिन गानों का मुखरा सुनाकर ही उनकी इच्छाओं को लगातार पूरा कर रहे थे। गीतों की सिलसिला के बीच रात रंगीन हो रही थी श्रोता उनकी जादुई आवाज के बीच मदमस्त दिखे। जादुई आवाज गीतों में उनके दर्द को हर कोई सुन रहा था। श्रोता सचेत और परंपरा की गीत को गुनगुनाते हुए अपने अपने घरों की ओर लौटने लगे, लेकिन दोनों की आवाज की गूंज शहरवासियों के जुबां और दिलों में कई दिनों तक याद रहेगा।
दूसरे दिन महोत्सव का शुभारंभ प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार सिंह, डीएम अवनीश कुमार सिंह, मेयर कुमकुम देवी, डिप्टी मेयर खालिद हुसैन, नगर आयुक्त निखिल धनराज निप्पाणीकर, सदर एसडीअो संजय कुमार, एसडीपीओ राजेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि मुंगेर के कण-कण में धरोहर और इतिहास छिपा हुआ है। यह धरती साहित्य और कला की रही है। मुंगेर महोत्सव में पहुंचे सभी लोगों के प्रति प्रमंडलीय आयुक्त ने महोत्सव के बेहतर आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। आयुक्त ने शायरी पेश कर महोत्सव में पहुंचे श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
बाइट संजय कुमार प्रमंडलीय आयुक्त




