रिपोर्ट:अरविन्द कुमार!

मोतिहारी। दिल की अरमा आंसुओं में बह गए वाली कहावत सच चरितार्थ हुआ। पूर्वी चमपरण जिला के अधिकांश भू भाग बाढ़ की कहर से जलमग्न है बाढ़ जिले में कहर परपा रही है तो इसी बिच मेमौसम भातरी बारिस के कारण सादी ब्याह में व्यवधान आ रही है ।

अब तक आपने अनेकों शादी देखे होंगे सभी लोग अपनी हैसियत के हिसाब से रथ घोड़े स्कॉर्पियो जैसी कीमती गाड़ियों पर लोग अपने दुल्हन को घर लाते हैं।बरसात के पानी सड़कों पर लबालब होने के कारण दुल्हे राजा ने अपनी दुल्हन को खेत जोतने वाले ट्रैक्टर पर बैठाकर ससुराल से अपने घर पटवा टोला लाए। हर इंसान का सपना होता है कि राजा बन कर अपना शादी करूंगा और अपनी नई नवेली पत्नी को लग्जरी गाड़ी में बैठा कर लाऊंगा, वही लड़की भी सपना देखती है की रानी का पोशाक पहनकर अपने पति के साथ लग्जरी गाड़ी में बैठकर ससुराल जाऊंगी, लेकिन बेमौसम भारी बरसात और नेता और जनप्रतिनिधियों की दगाबाजी ने सारे सपना चकनाचूर कर दिया।
पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन प्रखंड अंतर्गत आने वाले झरोखर पंचायत के पठवा मठ टोला गांव निवासी रामप्रीत महतो के पुत्र रमेश कुमार के बरात झरोखर गांव गई थी।नाल से आने वाली अरुणा नदी के पार होने के कारण पानी से लबालब भरे नदी पार करना नव दंपति को काफी मुश्किल हो गया मगर गांव के लोगों ने नदी पार से लाने का जुगाड़ किया ,और नव दंपति को ग्रामीणों ने ट्रैक्टर पर बैठाकर लबालब पानी से भरे नदी को पार कर बिदा किया।दूल्हा तो झरोखर गाँव अपने घर से सजाई गाड़ी से बारात लेकर निकला कुछ ही दूरी पे रास्ते मे कीचर एवम पानी के कारण सादी करने पैदल ही जाना पड़ा फिर साथ फेरे केने के बाद जब दुल्हन को लेकर आने की बारी आई तो लरकी पक्ष के लोग के सालाह हुआ कि लड़की पैदल कैसे जाएगी तो खेत जोतने वाले ट्रेक्टर पर लरकी की बिदाई कर दिया कई किलोमीटर ट्रेक्टर बसे आने के बाद दूल्हा दुल्हन जे लिये साजाई गई गाड़ी पर बैठा घर आये।वही दूल्हा के पिता जनप्रतिनिधियों पर अपनी गुस्सा निकाल रहे है इस तरह की रास्ता को लेकर।
फिर दोनों दंपति ने कहा दिल के अरमां आंसुओं में बह गए हाय रे नेता हाय रे जनप्रतिनिधि।बिहार के बिकास पुरुस के नाम से जाने वाली नितीश जी इस खबर को जरुर देखे क्योकि विकास की पोल खुलती दृश्य है फिर ये विकास के दोषी आपके जनप्रतिनिधि है या जिला प्रशासन?




