अमित कुमार की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने राजनितिक फायदे के लिए उत्तर प्रदेश के लोगों को बिहार में दे रहे है नियुक्ति।
जीतन राम मांझी ने खुले शब्दों में कहा कि बिहार के बच्चों के साथ हो रहे अन्याय को लेकर विधानसभा में सवाल उठाएंगे जीतन राम मांझी
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि शर्म आनी चाहिए उन्हें बिहार के लड़के बेरोजगार बैठे हैं और 50% से ज्यादा यूपी के लड़के बिहार में नौकरी पा रहे हैं।
उन्होंने बिहार के युवाओं को इस मामले को लेकर हर के खिलाफ हल्ला बोलने की अपील की
उन्होंने कहा कि अगर हमारे द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज गलत है तो मैं सार्वजनिक माफी मांगूंगा नहीं तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जांच कर शीघ्र नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम रद्द करें।
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शिक्षक बहाली में हो रही त्रुटियों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला किया है उन्होंने आज प्रेस वार्ता के दौरान कहां की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 02 नवंबर को नियुक्ति पत्र बांट रहे हैं और लगातार त्रुटियां उजागर हो रही है
आगे उन्होंने कहा कि मैं सभी त्रुटियों को लेकर मुख्यमंत्री समेत बीपीएससी के अध्यक्ष अतुल कुमार को 50 पन्नों का पत्र लिखा है लेकिन अभी तक कोई भी जवाब नहीं आया है।
उन्होंने बिहार के युवकों से आह्वान किया कि इसके खिलाफ हल्ला बोले।
उन्होंने गया जिले के फतेहपुर का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि वहां हमने एविडेंस के साथ मुख्यमंत्री को बताया है कि 42 से 44 बच्चियां उत्तर प्रदेश की हैं और बिहार के लोग नहीं है हमने प्रमाण के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी बताया है कि जिसके पास अहर्ता नहीं है वह भी लोग सिलेक्टेड हैं इसकी तो जांच करवा ले उदाहरण की समीक्षा कर उचित जवाब दें हमारी बातें अगर गलत है तो हम सार्वजनिक माफी मांगेंगे अगर गलत है तो जो प्रक्रिया अपना रहे हैं तो उसे शीघ्र बंद करना चाहिए और बिहार के बच्चों को तरजीह देना चाहिए।
बाइट : जीतन राम मांझी, पूर्व मुख्यमंत्री बिहार.




