दरभंगा ब्यूरो धर्मेंद्र पांडे

इलाज़ करने और मरीज को रखने की सुविधा की मांग को लेकर हड़ताल प्रति जूनियर डॉक्टर!
नए सर्जिकल भवन बनने तक जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सहारे ही काम करने को मजबूर डॉक्टर, मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने कहा भवन का नही है कोई विकल्प, तो डॉक्टर ने कहा फेल है सरकार !
मरीज़ों के इलाज़ के लिए मिलने वाले सुविधा को लेकर हड़ताल पर गए DMCH के जूनियर डॉक्टर की मांग पूरी तो नही हुई लेकिन थोड़ा बहुत हल निकालने के बाद आखिरकार जूनियर डॉक्टर ने अपनी हड़ताल को समाप्त कर दिया और देर रात से काम पर लौट गए ।
जूनियर डॉक्टर की मांग मरीज़ों के हित मे थी डॉक्टर ने मरीज के इलाज़ के लिए मिलने वाली सुविधा अस्पताल प्रशासन से उपलब्ध कराने की मांग लगातार कर रहे थे लेकिन जब डॉक्टरों की नहीं सुनी गई तो सभी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे ।

आपातकालीन सेवा में काम करने वाले डॉक्टर की मांग थी कि यहाँ मरीज को इलाज़ के बाद कही रखने की जगह नही थी । न ही बेड था नहीं icu की व्यवस्था थी मरीज के ऑपरेश करने के बाद उसी बेड पर रहने को मजबूर था ऐसे में दूसरे मरीज का इलाज़ रुका रहता था । और यह समस्या इस कारण उत्पन्नं हुई थी कि मीडिया की खबर के बाद जर्जर 400 बेड वाला सर्जिकल भवन को करीब दो महीने पहले खाली कराया गया था । ऐसे हाल में मरीजों के इलाज़ से लेकर उसे रखने की भारी समस्या आ रही थी ।
जूनियर डॉक्टर की हड़ताल के बाद अस्पताल प्रशासन के साथ साथ दरभंगा मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल ने खुद अस्पताल पहुच कर अस्पताल के चार कमरों को खाली कराने का आदेश दिया इसके बाद दो कमरों को तत्काल खाली करा कर उसने मरीज़ों को रखने का काम किया इसके बाद दो कमरों को और खाली कराने का काम किया जा रहा है । इसी चार कमरे में फिलहाल ICU और CCW चलाया जाएगा ।
हलाकि यह पूरी व्यवस्था ऊंट के मुह में जीरा का फोरन ही साबित होगा ।जूनियर डॉक्टर भले ही तत्काल न से कुछ सुविधा मिलने से काम पर लौट आये लेकिन जूनियर डॉक्टर के अध्यक्ष नीरज कुमार ने असंतोष जताते हुए कहा कि सरकार स्वास्थ्य के मामले में पूरी तरह फेल है ।
वही दरभंगा मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल ने बताया कि 400 बेड वाले जर्जर सर्जिकल भवन को अचानक खाली करा दिया गया इतने बड़े भवन की यहाँ कोई वैकल्पिक व्यवस्था नही हो सकती ऐसे में किसी तरह काम चलाने का प्रयास किया जा रहा है ।




