सीआरपीएफ जवान का पार्थिव शरीर गांव पंहुचते ही ग्रामीणों की आंखे हुई नम!

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रिपोर्ट ऋषिकेश कुमार

बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री व क्षेत्रीय सांसद ने अर्पित किए श्रद्धासुमन!

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नालंदा। दीपनगर थाना इलाके के ओकनामा गांव में सीआरपीएफ के जवान मंटू पासवान का शव गांव पंहुचते ही ग्रामीणों की आंखे नम हो गयी । पिछले एक साल से ब्लड कैंसर होने के कारण उनका इलाज दिल्ली के मेदांता अस्पताल में चल रहा था । इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। स्व सुखु पासवान के पुत्र मंटू 4 भाइयों में सबसे छोटा था । साल 2017 में सीआरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर जम्मू कश्मीर में तैनात थे । 2018 में उनकी शादी हुई थी उनका 2 साल की एक बच्ची है । उनके मौत की खबर सुनते ही परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा ।

शुक्रवार को उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ओकनामा लाया गया । जहां युवाओं ने भारत माता की जय और मंटू पासवान अमर रहे के नारे लगाए । जवान के निधन की खबर मिलते ही ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने गांव पहुच कर परिजन से मिलकर नम आंखों से उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया । हर किसी के आँखों में आंसू दिख रहे थे । पत्नी पिंकी देवी का रो रो कर बुरा हाल है । वहीं मासूम सुहानी को यह नहीं पता कि उसके घर में क्या हुआ है । जवान के भाई ने बताया कि पिछले एक साल से जून में जब वह छुट्टी पर घर आया हुआ था तभी उसकी अचानक तबियत खराब हो गयी। निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान पता चला कि उन्हें ब्लड कैंसर हो गया है। इसके बाद इलाज के लिए पटना गए, जहाँ डॉक्टर उन्हें भर्ती लेने से इनकार कर दिया । इस दौरान जवान और उनके परिजन आला अधिकारियों से बेहतर इलाज और मदद की गुहार लगाते रहे। मगर किसी ने उनलोगों की फरियाद नहीं सुनी। इस कारण उनकी मौत हो गयी । मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि हमने एक बेटा खोया है । दुःख की इस घड़ी में परिवार के साथ है । सरकार द्वारा जो भी दिया जाता है वह परिवार को दिया जाएगा ।

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