रिपोर्ट – निभाष मोदी
बीमारियों की ढेर पर भागलपुर शहर, नगर निगम प्रशासन की सफलता से शहर में डेंगू मलेरिया सहित कई अन्य मच्छर जनित रोगों का बढ़ता जा रहा खतरा
भागलपुर, रेशमी शहर भागलपुर पहले सिल्क सिटी से जाना जाता था और अब स्मार्ट सिटी से, कहीं अंग प्रदेश की अघोषित राजधानी कही जाती है तो कहीं सांस्कृतिक धरोहर का हव, लेकिन शहर की वर्तमान स्थिति भागलपुर के दर्पण को कुछ और बयां कर रही है हर जगह गंदगी जल जमाव सड़कों पर अतिक्रमण कूड़े कचरे का अंबार मानो भागलपुर अपने नाम से शर्मा रहा हो।
इस तरह कूड़े के अंबार लग जाने से और जल जमाव से डेंगू बीमारी काफी तेजी से शहर वासियों को अपने आगोश में ले रहा है सैकड़ो लोग डेंगू मरीज के शिकार हो रहे हैं लेकिन नगर निगम की उदासीनता साफ तौर पर दिख रही है, मनु पूरा शहर बीमारियों की ढेर पर बसा हो ,एक तरफ जहां नगर आयुक्त शहर की सफाई का दावा पेश करते हैं वहीं दूसरी ओर तस्वीर कुछ और बयां कर रहे हैं एक दिन पूर्व शहर में भागलपुर की मेयर डॉक्टर वसुंधरा लाल ने देखा कि किस तरह शहर में गंदगी व्याप्त है जब उन्होंने निरीक्षण किया तो सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिखी उन्होंने आउटसोर्स कंपनी को कड़े लहजे में सफाई व्यवस्था सुधारने की चेतावनी भी दे डाली लेकिन उसे कंपनी पर जू तक नहीं रंगा।
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने भी मायागंज अस्पताल और सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया जहां कमी पाई गई उन्हें जल्द दुरुस्त करने की बात कही और डेंगू से पीड़ित मरीज के लिए समुचित व्यवस्था की बात कही, उन्होंने कहा स्वास्थ्य विभाग डेंगू बीमारी से लड़ने के लिए तैयार है हमें अपने आसपास साफ सफाई रखनी होगी और गंदगी से दूर रहना होगा।
वार्ड नंबर 43 के अरसादी बेगम के पार्षद पति मोहम्मद सोनू ने कहा कि मुझे डेंगू हो गया फिर मेरी पत्नी को डेंगू हो गया और बच्चे भी इस बीमारी से ग्रसित हो गए तीन-चार दिनों से मैं वार्ड में घूम रहा हूं वार्ड में कुड़ों का अंबार है जब मैं सफाई करने वाले प्राइवेट कंपनी के लोगों से बात किया तो कहा सफाई हो जाएगी लेकिन सफाई नहीं हुआ फिर मैं कई बार कॉल किया तो उन्होंने काफी तेवर दिखाते हुए ऊंची आवाज में कहा कोई सफाई नहीं होगी जिसे कहना है कह दो जब कि मेरी पत्नी नगर निगम में स्थाई समिति की सदस्य है वार्ड नंबर 43 की पार्षद भी है फिर भी हम लोगों की बात नहीं सुनी जा रही है।




