जहानाबाद जिला को सुखाङ क्षेत्र घोषित करे सरकार :- अखिल भारतीय किसान महासभा !

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पंकज कुमार जहानाबाद ।


किसानों के ज्वलंत सवालों को लेकर जिले के सातो प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना सम्पन्न !*

# हर घरना स्थल के किसान नेताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों से मिलकर सौपा मांग-पत्र ! खेत-खेती किसान बचाओ,काॅरपोरेट लूट का राज मिटाओ ! जहानाबाद जिला को सुखाङ क्षेत्र घोषित करो ! किसानों का सारा कर्जा और बिजली बिल माफ करो ! फसलों का C2+50% समर्थन मूल्य तय करो ! एम.एस.पी. को कानूनी दर्जा दो ! समेत कई प्रमुख नारों के साथ अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले आज जिले के सभी सातों प्रखंड कार्यालयों पर एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया तथा धरना के माध्यम से सभी प्रखंडों मे प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को दस सुत्री मांग से संबंधित मांग-पत्र सौपा गया ! घरना को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि जहानाबाद जिला लगभग प्रत्येक वर्ष सुखाङ की मार झेलता रहा है और सरकारें सिंचाई का मुक्कमल प्रबंध करने की जगह खजाने की लूट और किसानों को ठगने का काम करती रही है ! डीजल अनुदान तथा फसल क्षति मुआवजा की राशि केवल दफ्तरों का चक्कर लगाने का योजना भर रह जाता है !

अखिल भारतीय किसान महासभा के नेताओं ने आगे कहा कि वर्षा पर आधारित पानी विहीन फल्गू नदी के बराज और बियर से निकलने वाली पक्की नहरें खूबसूरत तो दिखती है,पर निर्माण के समय न तो प्रत्येक गाँव के सामने पुल बनाकर दूसरे तरफ खेत तक आने-जाने का साधन का ख्याल रखा गया, न नहर किनारे के खेतों में होने वाला जलजमाव से निजात दिलाने का उपाय सोचा गया और न आज तक नहरों से निकलने वाला विलेज चैनलों अथवा करहा-पईन का उङाही किया गया ! जिसके कारण नहरें समाधान से कहीं ज्यादा समस्या बनी हुई है ! विधान सभा मे सरकारी घोषणा के बावजूद रूस्तमपुर (हूलासगंज) के पास मोजनाते बांध मे, फिरोजी (काको) के पास कङरूआ नाला में तथा अकौना (मोदनगंज) में सुलिस गेट निर्माण कार्य आज तक शुरू नही हो सका ! रतनी-जहानाबाद प्रखंड के खेत वर्षो से हमीदनगर बराज से आने वाली नहर का बाट जोह रही है ! लगातार आन्दोलन के बावजूद पंतित बांध का सवाल हल नहीं किया जा सका ! मखदुमपुर और काको प्रखंड का अधिकांश इलाका कङरूआ नाला, आहर आदि में जगह-जगह सुलिस गेट का निर्माण कर पटवन करवाने की गुहार लगाते रही है ! स्थायी समाधान बंद पङे नलकूपों को चालू करवाना,नया नलकूप लगाना तथा किसानों को मुफ्त में बिजली देना ही हो सकता है ! भाकपा-माले विधायक के द्वारा विधानसभा में लगातार सवाल उठाने के बावजूद उपरोक्त समस्याओं पर आज तक पहल नही हुआ !

हूलासगंज एवं काको प्रखंड कार्यालय पर घरना को संबोधित करते हुए भाकपा-माले राज्य कमिटी सदस्य काॅमरेड श्रीनिवास शर्मा ने कहा कि बिहार के किसानों के लिए खेती घाटा का घंघा बन गया है ! किसान खेती छोङ रहे है ! आम तौर पर अधिकांश जमीन पर बटाई खेती ही हो रहा है ! बटाईदार किसान भी कम ही समय में नफा-नुकसान समझने लगे, और खेती आधे-अधूरे मन से होने लगा ! क्योंकि बिहार में अब न तो प्रत्येक प्रखंड का 40 एकङ बीज मुहैया कराने वाला कृषि फार्म रहा और न फसल बेचनेवाला बाजार समितियां ! किसानों को बीज के लिए काॅरपोरेटों के कंपनियों पर निर्भर रहना पङता है और फसल बेचने के लिए पैक्सों के पास चिरौरी करना पङता है ! केंद्र की मोदी सरकार ने इसी मजबूरी का फायदा उठाकर तीन कृषि कानून पास किया तथा खेती को काॅरपोरेटों के हाथों सौप देने की नापाक कोशिश किया ! पर ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दबाव मे कानून तो वापस हुआ लेकिन समझौता मे मोदी सरकार द्वारा फसलों का C2+50% समर्थन मूल्य निर्धारण तथा एम.एस.पी. को कानूनी दर्जा देने का वादा आज तक जुमला बना हुआ है !

धरना के अंत मे आगामी 1 अक्टूबर को अखिल भारतीय किसान महासभा के जहानाबाद जिला सम्मेलन तथा आगामी 28-29 अक्टूबर को सिवान मे आयोजित राज्य सम्मेलन की सफलता के लिए गांव-गांव मे किसानों के बीच संगठन का सदस्यता अभियान चलाते हुए व्यापक जनसम्पर्क अभियान चलाने की घोषणा की गई !

अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले आयोजित इस एक दिवसीय धरना का नेतृत्व काको मे भाकपा-माले राज्य कमिटी सदस्य काॅमरेड श्रीनिवास शर्मा, प्रखंड सचिव विनोद कुमार भारती, अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव शौखीन यादव,सतीश चौधरी, उमेश यादव, मोदनगंज मे जगदीश पासवान,अभय पासवान घोसी मे नौलेश शर्मा, अरविंद मिस्री, राजनंदन यादव हूलासगंज मे चितरंजन पासवान, अनिरुद्ध शर्मा, दीपक चन्द्रवंशी, रामाश्रय यादव मखदुमपुर मे सत्येन्द्र रविदास, दुधेश्वर महतो, रतनी-फरीदपुर मे ललन किशोर आजाद, राजनंदन सिंह, विजय यादव तथा जहानाबाद सदर मे हसनैन अंसारी,ब्रह्मदेव प्रसाद, निरंजन सिंह, प्रमोद कुमार सहित किसान नेता बैजनाथ यादव,आरिफ रजा मासूमी,उदय पासवान समेत कई प्रमुख किसान नेताओं ने किया !

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