राजद जिलाध्यक्षों व प्रधान महासचिवों की सूची जारी, नहीं चला A To Z एमवाई समीकरण हावी!

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रिपोर्ट अनमोल कुमार!

94 नेताओं की सूची में 51 यादव और मुस्लिम
तेजस्वी की Aटू Z वाली पार्टी का दावा फुस्स

पटना : अपने स्थापना काल से ही राजद को यादव और मुस्लिम (एमवाई) समीकरण वाली पार्टी कहा जाता रहा है। हालांकि तीन साल पहले तेजस्वी यादव ने नया नारा दे दिया और कहा कि उनकी पार्टी Aटू Z वाली पार्टी है। लेकिन आज जब राजद ने अपने जिलाध्यक्षों और जिला प्रधान महासचिवों की सूची जारी की तो साफ दिखा कि पार्टी अपने पुराने समीकरण पर ही चल रही रही है।

बिहार में 38 जिले हैं, लेकिन राजद ने संगठन के लिहाज से 47 जिला कमेटी बना रखा है। इनमें जिला अध्यक्ष और जिला प्रधान महासचिव पद पर कुल 94 नेताओं का मनोनयन आज मंगलवार किया गया। 94 नेताओं की सूची में 51 यादव और मुस्लिम हैं। जबकि राजद ने ऐलान कर रखा था कि वह जिला कमेतियों में पिछड़ों और दलितों के लिए पद आरक्षित करेगी और उन्हें पर्याप्त जगह देगी, लेकिन जिला कमेटियों में यह हवा-हवाई हो गया।
राजद की कई जिला कमेटी ऐसी होंगी, जिनमें जिलाध्यक्ष औऱ जिला प्रधान महासचिव दोनों पदों पर एमवाई समीकरण के नेताओं को मनोनीत किया गया है। जैसे राजधानी पटना में दीनानाथ सिंह यादव पूर्व विधायक को जिलाध्यक्ष तो मो. अफरोज आलम को जिला प्रधान महासचिव, पश्चिमी चम्पारण में मो. साहेब हुसैन अंसारी को जिलाध्यक्ष बनाया तो अमर यादव को जिला प्रधान महासचिव बनाया गया है। मधुबनी में वीर बहादुर राय को जिलाध्यक्ष तो असलम अंसारी को प्रधान महासचिव बनाया गया है। वहीं, दरभंगा में उदय शंकर यादव को जिलाध्यक्ष तो मो. अफजल को जिला प्रधान महासचिव बनाया गया है। गया में मो. मुर्शीद आलम उर्फ नेजाम को जिलाध्यक्ष और सुभाष यादव को जिला प्रधान महासचिव पद पर मनोनीत किया गया है। किशनगंज जैसे जिले में तो जिलाध्यक्ष और प्रधान महासचिव दोनों पदों पर मुसलमान नेताओं को रखा गया है।
वैसे राजद के जिलाध्यक्षों और जिला प्रधान महासचिवों की सूची से कई और बातें सामने निकल कर आयी हैं। सीवान में शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब का पार्टी में पत्ता साफ हो गया है। वहां जिलाध्यक्ष या प्रधान महासचिव पद पर किसी मुसलमान को भी जगह नहीं दी गई है।

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