पंकज कुमार जहानाबाद।
जहानाबाद श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह सत्र के छठे दिन श्री साईं दर्शन मंदिर साईं धाम विजयनगर जहानाबाद में कथा व्यास आचार्य पुरुषोत्तम शरण महाराज ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं की कथा को आगे बढ़ाया आज की कथा में बालकृष्ण के द्वारा मनोहारी एवं नटखट चरित्र इसमें माखन चुराना मटके फोड़ना गोपियों को छेड़ना के साथ शरद पूर्णिमा में गोपियों के संग रास रचाने के चरित्र का अद्भुत वर्णन किया रात में भगवान भोलेनाथ का नारी रूप धारण करना की कथा को सप्रसंग एवं अद्भुत व्याख्या प्रस्तुत की

कथा में पुरुषोत्तम शरण महाराज ने व्रत में एकादशी व्रत को व्रतों का राजा कहा कहा कि प्रत्येक नर नारियों को एकादशी व्रत नियम से निराहार रहकर करना चाहिए उन्होंने कथा में बताया कि पति-पत्नी के संबंधों को धर्म के साथ संयोजित कर एक दूसरे को सुमार्ग पर लाने एवं चलाना ही परम पवित्र कार्य है भक्ति में रोम रोम शहर जाए आंखों से अश्रु धर्म है एवं गला रूंध जाए तो समझो भक्तों की भक्ति सार्थक हो रही है आज के प्रसंग में श्री कृष्ण रुक्मणी उत्सव की कथा का अद्भुत एवं मनमोहक मंत्रमुग्ध कर देने वाली झांकियों का भी निरूपण किया गया झांकी को देखकर पंडाल में उपस्थित हजारों नर नारियों ने रोमांचित होते हुए बहुत सारे उपहार चढ़ाकर पूजा-अर्चना भी की





