रिपोर्ट – अमित कुमार
जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की पीसी.
पिछले कई दिनों से मेरे व पार्टी के बारे में खबरें आती है.
बातें कुछ और होती है और सामने कुछ और आती है.
बीजेपी के एक नेता को जन्मदिन पर ट्वीट कर हमने शुभकामनायें दी.
मेरे ट्वीट को गलत तरिके से पेश किया गया.
जिसकी मै घोर विरोध करता हूं.
सुधाकर सिंह मामले को लेकर कहा की
जिस शब्द का प्रयोग उन्होंने किया वो किसी के लिए नहीं करना चाहिए.
ये काफी आपत्तिजनक है.
हम आज भी कहते है की ऐसी टिप्पणी बिलकुल गलत है.
हम इसे नहीं बर्दास्त करेंगे.
14 जनवरी को दही चुरा का भोज हमने रखा है.
इसको लेकर भी कई तरह की खबर सामने आई की
किसी समाजिक संघठन के बैनर तले आयोजन किया जाएगा.
ये बिलकुल गलत है.
कई राजनितिक दल के लोग अलग समाजिक संगठन में शामिल रहते है.

कई बात आप राजनितिक संगठन में नहीं रखा सकते.
क्योंकि दल का अपना दायरा होता है.
कई काम आप राजनितिक दल से
कुछ नहीं कर पाते तो
उसे हम सामाजिक संगठन के जरिए करते है.
नीतीश कुमार के साथ मैंने अपनी पुरानी पार्टी का विलय किया
क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाजिक न्याय के नेता है.
हम उनके साथ इसलिए आए क्योंकि उनके नेतृत्व में हम काम करें.
इसलिए उनके साथ आए थे हैं
आगे भी मजबूती से साथ रहेंगे.
हम स्वस्थ राजनीति करते है.
सभी से की अपील की गलत तरिके से खबरों को ना पेश करें.




