कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
अधौरा मुख्यालय से अक्सर गायब रहते हैं रेंजर ,लोगों की परेशानी बढ़ी
सरकार चाहे जितना भी शख्त हो, आम आवाम के समस्याओं के समाधान हेतु अफसरों को मुख्यालय में रहने का दिशा निर्देश जारी किया है। परंतु कैमूर के कुछ अफसर इस बात को नहीं मानते। सरकारी आदेशों को हुकुमरान फाइलों के ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। यदि आपको विश्वास ना हो तो आप कैमूर जिले के सबसे उपेक्षित माने जाने वाले अधौरा प्रखंड मुख्यालय को देख सकते हैं। यहां के रेंज अफसर जिला मुख्यालय भभुआ में रहते हैं। जिससे वहां रहने वाले आम जनता अपनी समस्याओं को सुनाने के लिए महीनों इंतजार करती है। इसका मतलब यह नहीं अधौरा में वनों के क्षेत्र पदाधिकारी के लिए आवास नहीं बनाए गए हैं कार्यालय नहीं है कर्मी नहीं है। संसाधनों से युक्त आवास एवं कार्यालय होने के बावजूद अफसर का नहीं रहना यहां के पब्लिक को नहीं पचता है। अधौरा के रहने वाले विपिन कुमार, सुबोध कांत जैन, घूरा मुसहर, फूलन चेरो सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि अधौरा सेंचुरी युक्त जगह सरकार की नजर में है। और हम ग्रामीण इसी इलाके में रहकर अपना जीविकोपार्जन करते हैं ऐसे में हम लोगों का मुख्य भोजन एवं व्यवसाय वनों पर भी पूरी तरह आश्रित है। कृषि कार्य अथवा अन्य कारणों से घर के बाहर निकलने पर पुलिस परेशान करती है बनतस्करी का आरोप लगाकर हाजत में भी बैठा देती है ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए जब हम लोग रेंज अफसर के पास जाते हैं तो वहां उन्हें नहीं पाकर कानूनी अड़चनों के बीच में फस जाते हैं। अनावश्यक तरीके से मानसिक रूप से परेशान होकर आर्थिक क्षति का भी सामना करना पड़ता है। हालांकि कुछ लोगों ने कहा कि रेंज अफसर यदा-कदा भभुआ से अधौरा स्थित रेंज ऑफिस में देखे गए हैं। सरकारी कार्यालयों के बीच वन विभाग का रेंज ऑफिस भी बना हुआ है और इसे आकर्षक तरीके से सजाया भी गया है। बावजूद इसके रेंजर मनोज कुमार का ऑफिस में नहीं रहना प्रशासनिक आदेश एवं सरकारी फरमानो को ठेंगा दिखाने जैसा है। इस बाबत पूछे जाने पर अधौरा के रेंजर मनोज कुमार ने कहा कि मैं मुख्यालय में रहता हूं हालांकि मेरा आवास रहने लायक नहीं है परंतु अपने कार्यों को वफादारी पूर्वक करता हूं।
इस संदर्भ में जब कैमूर के डीएफओ चंचल प्रकाशम से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में पहले से स्पष्टीकरण हो चुका है उन्हें मुख्यालय में रहने के लिए मौखिक रूप से भी कई बार कहा गया है टावर का प्रॉब्लम होने के चलते आसानी से बातचीत का क्रम नहीं होने के वजह से संभवत कहीं होंगे।
जानकारी रहे की सरकार ने आम आवाम की समस्याओं को समाधान कराने के लिए हर हाल में संबंधित अफसरों को मुख्यालय में ही रहने का फरमान जारी किया है। सरकारी आदेश के अनुसार जो हुक्मरान मुख्यालय छोड़कर अन्य जगहों पर रहते हैं तो उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं बक्से जाने की बात कही है।




