अमित कुमार की रिपोर्ट
भारतीय डाक विभाग दिनांक 09 से 13 अक्टूबर के दौरान राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन कर रहा है। पोस्ट फॉर प्लेनेट चीन पर बिहार डाक परिमंडल में दिनांक 09 से 13 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 10 अक्टूबर, 2022 को “वित्तीय सशक्तिकरण दिवस के रूप मे मनाया जा रहा है। डाक विभाग देश के सबसे पुराने एवं विश्वनीय विभागों में से एक है। यह देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा संगठन है जो न केवल देश के भीतर बल्कि देश की सीमाओं से परे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सेवाएं प्रदान करता है। मूल रूप से चिड़ियाँ पहुचाने के लिए स्थापित डाक विभाग ने बदलते वक्त के साथ अपने स्वरूप मे ग्राहकों के अंकाक्षा एवं अपेक्षा के अनुरूप क्रांतिकारी बदलाव किया है। आज भी डाक विभाग अपने मूल उद्देश्य को पूरा करने के साथ ही साथ बैंकिंग के क्षेत्र में भी पूरी समग्रता एवं निष्ठा के साथ सेवाए दे रहा है। बिहार डाक परिमंडल बिहार प्रदेश के लगभग 10,000 डाकघरों के माध्यम से 1.5 करोड़ से अधिक सक्रिय डाकघर बचत बैंक (पीओएसबी) खातों का संचालन कर रहा है। डाकघर सीबीएस सिस्टम में दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है एवं बिहार डाक परिमंडल के सभी डाकघर सीबीएस प्लेटफॉर्म पर आम जनता को विभिन्न डाकघर बचत योजनाओं के माध्यम से सुचारु एवं त्वरित सेवाएँ प्राथमिकता के आधार पर प्रदान कर रहा है। शाखा डाकघरों को भी वित्तीय सशक्तिकरण के क्षेत्र में ग्रामीण स्तर पर अपनी प्रासंगिकता साबित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। सीबीएस प्रणाली के माध्यम से अब आधुनिक डाकघर ग्राहकों के लिए एटीएम इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से चौबीसों घंटे सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है। वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के सभी 9 लघु बचत योजनाएं इस प्रदेश के सभी डाकघरों में उपलब्ध हैं। इनमें से 5 योजनाएं यथा मासिक आय योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, सार्वजनिक भविष्य निधि, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र और किसान विकास पत्र शाखा डाकघरों आम जनमानस के विशेष भाग पर शुरू की गई है। गांवों में रहने वाले लोगों को डाकघर बचत बैंक खातो से लेनदेन के लिए अब शहरों में आने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुविधा उनके घर के नजदीकी डाकघरों में उपलब्ध है। आज भी बैंकिंग के क्षेत्र में सबसे ज्यादा व्याज ग्राहको को डाकघर के विभिन्न बचत योजनाएँ उपलब्ध करा रही है। डाक विभाग अपने ग्राहकों के बहुमूल्य समय का ध्यान रखते हुए आईपीपीबी के माध्यम से यह व्यवस्था सुनिश्चित की है कि अब ग्राहकों को कतार में खड़ा नहीं होना पड़े
डाक विभाग आपका बैंक आपके द्वार के वास्तविक भाव को इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से मूर्त रूप प्रदान कर रहा है डाक विभाग ने यह सुविधा प्रदान किया है कि आम जनमानस आइपीपीबी मोबाइल ऐप डाउनलोड कर के डाकघर के विभिन्न स्कीमों से संबन्धित भुगतान स्मार्ट तरीके से कर सके केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं कि राशि DBT के माध्यम से सुदूर क्षेत्र के आम लोग अपने आइपीपीबी खाते में प्राप्त कर सकते हैं। शहरी क्षेत्रों के साथ ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के सामान्य लोग किसी भी डाकघर में जाकर आधार नंबर और उंगलियों की छाप के द्वारा मिनटो में आइपीपीबी का खाता खोलकर वित्तीय सशक्तिकरण में अपनी महती भूमिका अदा कर सकते हैं। वे आधार एनेवल पेमेंट सिस्टम (AcPS) के माध्यम से अपने किसी भी बैंक खाते से 10,000 रुपए की नकद निकासी अपने दरवाजे पर डाककर्मी के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं एवं शेष राशि का पूछताछ भी कर सकते है। बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में भी डाकघर का अहम योगदान है। सुकन्या समृद्धि खाता को बालिका समृद्धि योजना के रूप में भी जाना जाता है। इसकी शुरूआत 22 जनवरी, 2015 को हरियाणा राज्य के पानीपत में माननीय प्रधानमंत्री जी श्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। सुकन्या समृद्धि खाता योजना बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करती है। इस योजना ने उन्हें उचित शिक्षा, शादी के खर्च और उनके भविष्य को सुरक्षित करने में मदद की है। सुकन्या समृद्धिः खाता किसी भी डाकघर में खोला जा सकता है। बिहार डाक परिमंडल में सुकन्या समृद्धि योजना की शुरूआत से अबतक लगभग 11 लाख सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए है। देश में सुकन्या समृद्धि खाता डाकघरों के माध्यम से ही ज्यादा संख्या में खुले हैं डाकघर में उचित दरों पर जनता को बीमा और पेंशन कवरेज का भी सुविधा उपलब्ध है, जिसमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) प्रमुख है। बिहार डाक परिमंडल भारत सरकार की इन प्रमुख योजनाओं के सम्यक संचालन में सक्रिय एवं अहम भूमिका निभा रहा है।
वित्तीय सशक्तिकरण के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में बीमा के क्षेत्र में भी डाक विभाग नित नये आयाम स्थापित कर है। डाकघरों में लोगों की आयु और आवशयकता के हिसाब से जीवन बीमा की तमाम योजनायें उपलब्ध हैं, जिनमें सुरक्षा, तोष, सुविधा, युगल सुरक्षा, सुमंगल व चिल्ड्रेन पालिसी प्रमुख है। बिहार डाक परिमंडल में डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक वन बीमा में वर्तमान में लगभग 1.72 लाख से ज्यादा पॉलिसियाँ संचालित है। इस वित्तीय वर्ष में 13697 से ज्यादा पॉलिसियाँ री की गई, जिसमे 138.47 करोड़ प्रिमियम कि राशि जमा हुई है। हम सभी हाल फिलहाल में कोरोना महामारी की भयावहता गुजरे हैं। इस भयावह अनुभव को देखते हुए आज के दौर में जीवन बीमा एक अपरिहार्य आवश्यकता बन गया है। डाक विभाग नवीन टेक्नालॉजी अपनाते हुए कोर इंश्योरेंस सर्विस के तहत मैककेमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से बीमा सेवाओं को भी उनलाइन बनाया है। अब बीमा धारक घर बैठे ही प्रीमियम की राशि ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। इस निवेश से आयकर की रा- 80 के तहत आयकर में छूट प्राप्त की जा सकती है। कम प्रीमियम च अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, अनलाइन प्रीमियम जमा करने की सुविधा, देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर ड की सुविधा डाक जीवन बीमा ग्रामीण डाक जीवन बीमा केई अंतर्गत प्राप्त की जा सकती है। डाक जीवन बीमा में अधिकतम मित सीमा 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन में 20 लाख है। डाकघर वित्तीय सेवाओं के आलवा कई नागरिक केंद्रित सेवाएं भी आम जनमानस को उपलब्ध करता है, जिसमें से
सुख निम्नवत है
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डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) नागरिकों को पासपोर्ट की बढ़ती आवश्यकता के दृष्टिगत विदेश और
डाक विभाग ने डाकघरों में डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) स्थापित किया है। बिहार में अबतक डाकघर के
माध्यम से पासपोर्ट के लगभग 60.151 आवेदनों पर काम किया गया है। 2 आधार नामांकन और अद्यतन केंद्र नागरिकों को नया आधार बनाने और किसी भी परिवर्तन / गलती सुधार के मामले में अपने आधार कार्ड को डाकघर में जाकर अद्यतन करने की सुविधा इस व्यवस्था के अंतर्गत उपलब्ध है। बिहार क परिमंडल 582 डाकघर आधार केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रो द्वारा अबतक नामांकन / अद्यतन के लिए 315431 अनुरोधों पर काम किया गया है। इसी प्रकार अन्य नागरिक सेवाएं CSC, DBT भी डाकघर में उपलब्ध है। वित्तीय सशक्तिकरण के लिए प्रचार प्रसार एवं वित्तीय समावेशन में अधिक भागीदारी के लिए कार्य करने जनप्रतिनिधियों को शामिल कर उनके क्षेत्र में डाक विभाग का कार्य और ज्यादा कारगर ढंग से हो इस पर विस्तार से काम हो रहा है।
श्री किशन कुमार शर्मा, माननीय चीफ पोस्टमास्टर जनरल, बिहार सर्किल ने प्रेस वार्ता में बतलाया कि राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान डाक सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं राजस्व अर्जन में वृद्धि पर जोर दिया जायेगा। डाक विभाग के सभी सेवाए एवं कार्य प्रणाली के समझने हेतु स्कूली बच्चे द्वारा डाकघरों का भ्रमण, फिलाटेली विवज, स्टाम्प डिजाईन एवं ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता, सेमिनार, वर्कशॉप, कस्टमर मीट डाक जीवन बीमा, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक उत्पादों इत्यादी को लेकर हर जिले में वित्तीय सशक्तिकरण मेला शिविर का आयोजन हो रहा है।
श्री शिशिर सिन्हा, पत्रकार के द्वारा विकसित भारत के निर्माण में डाकघर की निर्णायक भूमिका को सशक्त ढंग से वित्तीय सशक्तिकरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यशाला में रेखांकित किया गया है। उन्होंने विजन फॉर इंडिया 2047 के संदर्भ में डाकघर की दिन-प्रतिदिन बढ़ रही कार्य प्रासंगिकता पर विस्तृत एवं व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा की डाकघर अपने आधुनिकतम स्वरूप के साथ आने वाले दिनों में सफलता का स्वर्णिम अध्याय ग्राहकउन्मुखी व्यवस्था प्रदान करने में जोड़ेगा। इस अवसर पर श्री मनोज कुमार, माननीय पोस्टमास्टर जनरल, पूर्वी प्रक्षेत्र, भागलपुर, श्री पंकज कुमार मिश्र, निदेशक(ग) बिहार सकल, पटना एवं श्री पवन कुमार, निदेशक डाक सेवाएं (पूर्वी प्रक्षेत्र) एवं अन्य
अधिकारीगण मौजूद थे।




