ऋषभ कुमार की रिपोर्ट :-
बिहार के उद्दोग मंत्री का अजब बयान
बिहारी मुद्दे पर भारी — सियासी लफ्फाजी
बिहार में उद्योग लगाने आये … सिर्फ बिहारी
बिहारियों को बिहार के हाल की आदत है – बिहारी ही लगाएंगे बिहार में उद्योग
मंत्री जी ने कहा —
बाहर के लोगो को बिहार मे डर लगता है , बिहारियों को नहीं
बिहार में सिर्फ बिहारियों को उद्योग लाने के लिए बुलाएंगे
हमें बाहर से चीता लाने की जरुरत नहीं , यंहा सब बब्बर शेर है
बिहार में चौपट उद्योग धंधो की कहानी कोई नई नहीं है
ऐसे में RJD कोटे से नए-नए मंत्री बने मंत्री जी की लफ्फाजी और बेतुका ब्यान …. बिहार में उद्योग धंधो की हालत सुधारने की उनकी नियत और तरीके सवाल खड़ा करता है
बिहार के उद्योग मंत्री समीर महासेठ कहते दिखे की बिहार में बिगड़े कानून व्यवस्था के हाल को लेकर बाहर के उद्योगपतियों को डर लगता है , लेकिन बिहारियों को इसकी आदत सी है … सो बिहार में उद्योग धंधे लगाने केलिए सरकार सिर्फ बाहर रहने वाले बिहारी उद्योगपतियों को बिहार में उद्योग धंधे लगाने के लिए बुलाएगी …
लफ्फाजी की रौ में मंत्री जी ने देश में चीतों की वापसी का मजाक उड़ाते हुए कह दिया की – हमें चीता लाने की जरुरत नहीं , हम खुद बब्बर शेर है ….
सवाल ये की खस्ताहाल हो चुके बिहार के उद्योग धंधो को पटरी पे लाने के लिए बड़े निवेश और देश भर के उद्योगपतियों के भरोसे की जरुरत है …
लेकिन मंत्री जी की लफ्फाजी और गैरजिम्मेदार बयान बिहार में उद्योग धंधो को पटरी पर लाने को लेकर सरकार की गंभीरता पर भी सवाल खड़ा करता है …
बिहार के उद्योग मंत्री समीर महासेठ सोनपुर के बैजलपुर में एक औद्योगिक इकाई के उद्घाटन के मौके पर पहुंचे थे , जंहा लफ्फाजी और बेतुकी बयानबाजी करते दिखे ….
ये बचपन से हमलोग भी देखते आ रहे है , ऐसा नहीं है की ये नया है … बिहार को जो जानने वाला है , जो उद्यमी बनना चाह रहा है … उन्ही लोगो को बिहार के बाहर से बुला रहे है की बिहार में उनको तनिक भी कुछ ऐसा नहीं बुझायेगा … वो अपने बब्बर शेर है बिहार से बाहर भी और बिहार में भी …. जब हरेक जगह शेर ही शेर है तो कौन बात करेंगे … बाहर से चीता लाकर के … यंहा सब शेर है … और सब चीता है …




