धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट :-
मोतिहारी जिले का इकलौता भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी का लाइसेंस हुआ फेल
पिछले आठ महीनों से अवैध रूप से चल रहा है जिले का एकमात्र ब्लड बैंक
ड्रग इंस्पेक्टर की जांच में हुआ सनसनीखेज खुलासा
पिछले आठ माह से अधिक समय से जिले के इकलौते ब्लड बैंक का लाइसेंस है फेल
बिना लाइसेंस के हो रहा अवैध रूप से रेड क्रॉस का संचालन
जिले के लगभग पचपन लाख की आबादी इसी रेड पर है निर्भर इकलौता
रेड क्रॉस के अधिकारियों की घोर लापरवाही आई सामने
डी एम ने दिए जांच के आदेश और आपदा नियम के तहत इसे चालू रखने का दिया निर्देश …
मोतिहारी जिला प्रशासन और रेड क्रॉस सोसाइटी का एक बड़ा कारनामा और घोर लापरवाही सामने आई है जिसे देख कर और सुनकर आप अचंभित रह जाएंगे ।जी हां आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि मोतिहारी रेड क्रॉस सोसाइटी पिछले आठ माह से अवैध रूप से चल रहा है यानी जिस संस्थान को विश्व स्तर पर एक अलग पहचान मिला हो उस संस्थान पर मोतिहारी जिले में अवैध होने का तगमा लगा है बता दें कि बीते 8 महीनों से रेड क्रॉस का ब्लड बैंक बिना लाइसेंस के संचालित हो रहा है बता दें कि नव पदस्थापित ड्रग इंस्पेक्टर विकास शिरोमणि के निरीक्षण में ब्लड बैंक विगत 8 महीने से बिना लाइसेंस के अवैध संचालन होते पकड़ा गया है।
ये वही अधिकारी है जिन्होंने यहां नौकरी ज्वाइन करते ही इस संस्थान की जांच की तो ये मामला उजागर हुआ की ये संस्थान बिगत आठ माह से अवैध रूप से संचालित हो रहा है
वैसे तो ऐसी स्थिति में इसे बंद करवा देना चाहिए था लेकिन मानवीय आधार पर इस अधिकारी की अनुसंसा पर जिलाधिकारी मोतिहारी सिर्षत कपिल अशोक ने आपदा नियमो के तहत चालू करने का निर्देश अधिनस्थ कर्मचारियों को दिया है!
रेड क्रॉस सोसाइटी के एक वरीय सदस्य अरुण कुमार तिवारी ने इस कारनामे का पोल खोल कर रख दिया ,,,उन्होंने साफ शब्दों में इसके लिए यहां के अधिकारियों और चुनाव जीते हुए सदस्यों को दोषी ठहराया और इसे घोर लापरवाही की संज्ञा दी!
वहीं इतनी बड़ी चूक और घोर लापरवाही की बात उजागर होने और प्रशाशन की काफी फजीहत होने के बाद जब हमने इस संबंध में मोतिहारी के सिविल सर्जन से बात की तो उनका कुछ अजीबोगरीब बयान सामने आया ।साहब को पता ही नही है की रेड क्रॉस सोसाइटी का लाइसेंस रद्द है । यहां के सिविल सर्जन ने इतना जरूर आश्वासन दिया की वो इसकी जांच करवाएंगे जबकि ये मामला पिछले तीन चार दिनों से सुर्खियों में है और डी एम से लेकर सभी अधिकारी और कर्मचारी अवगत है लेकिन जिले के सबसे बड़े चिकित्सा पदाधिकारी जिनकी CFDनाक के नीचे ये संस्थान चलती है उन साहब को कुछ पता ही नही ,,,।




