रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-
राज्यपाल के पास है चुनाव आयोग का भेजा पत्र
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की 'किस्मत' सीलबंद लिफाफे में चुनाव आयोग से राज्यपाल रमेश बैस के हाथ पहुंच गई है। पत्थर खनन का लीज अपने नाम आवंटित करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने हेमंत सोरेन के खिलाफ 'ऑफिस ऑफ प्रॉफिट' से जुड़े नियमों के उल्लंघन की शिकायत की थी। भाजपा ने राज्यपाल रमेश बैस से शिकायत की थी कि हेमंत सोरेन को विधानसभा से अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। भाजपा ने हेमंत सोरेन पर आरोप लगाया था कि वो मुख्यमंत्री होते हुए भी वो दूसरे लाभ के पद पर बने हुए हैं। भाजपा ने कहा कि उन्होंने स्टोन चिप्स माइनिंग लीज हासिल कर मुनाफा कमाया है। राज्यपाल ने इस शिकायत को जांच के लिए चुनाव आयोग के पास भेजा था।
अधिकारी ने की पत्र की पुष्टि, कहा- राज्यपाल दिल्ली में हैं
इस बारे मेंएक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि के राज्यपाल रमेश बैस सोमवार को दिल्ली गए हैं, वे गुरुवार को रांची लौटेंगे। अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि चुनाव आयोग ने अपनी सिफारिशें भेज दी हैं। उन्होंने कहा कि उस रिपोर्ट के बारे में अभी कोई भी जानकारी साझा नहीं की जा सकती है। अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल कार्यालय से अनुमति मिलने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
चुनाव आयोग की सिफारिशें मुख्य चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता वाली पीठ की विस्तृत सुनवाई के बाद आई हैं। सुनवाई के दौरान भाजपा और हेमंत सोरेन दोनों के वकीलों ने अपना पक्ष रखा।
पूर्व सीएम दास ने अयोग्य ठहराने की मांग की थी
हेमंत सोरेन को अयोग्य ठहराने की मांग झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने 10 फरवरी को उठाई थी। इस संबंध में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने 11 फरवरी को राज्यपाल से मुलाकात की थी। जिस दौरान राज्यपाल से हेमंत सोरेन को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1952 की धारा 9 ए के तहत अयोग्य और मुख्यमंत्री के पद से हटाने की मांग की गई थी।
राज्यपाल बैस ने शिकायत को चुनाव आयोग को भेज दिया था। चुनाव आयोग ने नोटिस जारी कर हेमंत सोरेन को खनन पट्टा देने से संबंधित सभी दस्तावेज मांगे थे।




