चम्पारण में देश की आन बान व शान तिरंगे का हो रहा है घोर अपमान!

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धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट :-

तिरंगे का अपमान रिपोर्ट धर्मेंद्र कुमार मोतिहारी

कही पैरों तले कुचला जा रहा है तिरंगा तो कही फहराया जा रहा है उल्टा तिरंगा तो कही तिरंगा फहराने के दौरान टूट कर नीचे गिर रहा है तिरंगा

तिरंगे के अपमान की खबर पर जिलाधिकारी शिर्षत कपिल अशोक हुए सख्त

कनीय अधिकारियों को दिए मामले की जांच कर कठोर कार्यवाही करने के निर्देश

बापू की कर्मभूमि पर लगातार मिल रही है तिरंगे के अपमान की तस्वीरें :-
मोतिहारी, चम्पारण की धरती से देश की आज़दी का बिगुल फूंकने वाले महात्मा ग़ांधी ने कभी सपने में भी नही सोचा होगा कि जिस तिरंगे के सम्मान के लिए जिस धरती से सत्याग्रह आंदोलन का शंखनाद कर पूरे भारत को आज़दी दिलवाने के काम किया था उसी धरती पर एक दिन देश की आन बान व शान तिरंगे का घोर अपमान होगा लेकिन ऐसा हो रहा है और ये तस्वीर देख महात्मा गांधी सहित पूरा देश शर्मसार हो रहा है ।जी हां एक ओर जहां पूरा देश आज़दी का अमृत महोत्सव मना रहा है ,,ओर हर घर तिरंगा अभियान चला रहा है उसी महात्मा गांधी की कर्मभूमि चम्पारण में तिरंगे का घोर अपमान हो रहा है ।जी हां तस्वीरे आपको शर्मसार कर देगी लेकिन तस्वीरे दिखलाना इसलिए भी जरूरी है कि ऐसा कुकृत्य करने वालो को सजा मिले व ऐसे लोग भविष्य में ऐसी गलती को नही दोहराए ।

पहली तस्वीर मोतिहारी के रविन्द्र नाथ मुखर्जी आर्युवेदिक कॉलेज प्रांगण की है जहां कल झंडोटोलन कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के पफभरी प्राचार्य की घोर लापरवाही सामने आई है जहां हमारे तिरंगे को प्राध्यापक सह प्रिंसपल ने उल्टा झंडा फहराकर जिले को शर्मसार करने में कोई कोर कसर नही छोड़ी ,,।तस्वीरे शिक्षा के मंदिर से निकली है इसलिए ये ओर भी घोर निंदनीय है कि आखिर इस जिले के शिक्षा का मंदिर जब अपने तिरंगे को सही ढंग से नही फहरा सकता है तो इससे बड़ी बिडम्बना कुछ और नही हो सकती है!

वही इससे भी ज्यादा शमर्सार करने वाली तस्वीर मोतिहारी के चकिया से आई है जहां पर खुले मैदान में तिरंगे को फेंक दिया गया है व्व भी एक दो तिरंगे को नही बल्कि दर्जनों तिरंगे को फेंक दिया गया है और इसे एक मजदूर द्वारा पैरों से रौंदा जा रहा है ।तस्वीरे आपके रौंगटे खड़े कर देंगी ओर आप ये सोचने पर मजबूर हो जायेगे की क्या यही महात्मा गांधी का चम्पारण है जहां से इस तिरंगे के सम्मान के लिए हज़ारो हज़ार लोगो ने अपना जान न्योछावर कर दिया था ।क्या ये वही चम्पारण है जहां से निकली आज़दी की चिंगारी पूरे देश मे फैली थी और लंबे संघर्ष के बाद अनेकानेक कुर्बानियों के बाद इस देश को आज़दी मिली थी ।तस्वीरे चकिया की है जहां के एक वार्ड पार्षद ने झंडे के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के लिए इसी 15 अगस्त को पूरे वार्ड में झंडा लगवाया था ताकि आगामी चुनाव में उसे इसका फायदा मिल जाय ।चकिया के वार्ड नंबर 21 पार्षद सिंधु श्रीवास्तव ने ये झंडा अपने वार्ड में अपने पुत्र अभिषेक राज सोनू के माध्यम से लगवाया था और अगले दिन झंडा को खुले आसमान में फेंक इसे मजदूरों के पैरों तले रौंदवाया जा रहा है जो काफी शर्मनाक है । शर्म को भी शर्मसार करने वाली ये तस्वीरें चकिया की बताई गई है.

वही तीसरी तस्वीर मोतिहारी के संग्रामपुर के एक गाव से आई है जहां की महिला मुखिया बेबी कुमारी व ग्रामीणों की लापरवाही से देश की आन बान व शान तिरंगा फहराते ही जमीन पर आ गिरा व इसका घोर अपमान हुआ!

वही इस मामले की जानकारी जब मीडिया के माध्यम से जिलाधिकारी को हुई तो उन्होंने इस मामले के त्वरित जांच के आदेश व दोष सिद्ध होने वाले ब्यक्तियो पर उचित कानूनी कार्यवाही करने का निर्देश जारी कर दिया है!

मोतिहारी से धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट

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