संतोष कुमार की रिपोर्ट :-
भोजपुर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हत्याकांड के गवाह को अज्ञात अपराधियों ने गले में फंदा डालकर मौत के घाट उतार दिया है ।घटना कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के सरैयां गांव की है जहां पर 1 साल पूर्व हुए अपने भतीजे के हत्याकांड के गवाह विनोद यादव की हत्या एक पेड़ पर फंदे से लटका कर कर दिया गया है। पुलिस इस हत्याकांड की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है। हालांकि मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मृतक विनोद यादव की हत्या बृजेश हत्याकांड से जुड़ा हुआ है ।बृजेश हत्याकांड में जेल से जमानत पर छूटे आरोपित केस में सुलह करने के लिए लगातार दबाव प्रलोभन दे रहे थे ।वही विनोद यादव के द्वारा केस सुलह करने से इंकार कर देने के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया है। 26 अप्रैल 2021 को मृतक विनोद यादव के भतीजे बृजेश यादव की मामूली विवाद को लेकर लाठी डंडे एवं लोहे की रॉड से मारकर हत्या कर दी गई थी ।इसके बाद मृतक के पिता तेज नारायण यादव के बयान पर 29 अप्रैल को गांव के ही 5 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था ।जिसमें मृतक के चाचा विनोद यादव गवाह है। पुलिस ने पांचों आरोपियों को जेल भी भेजा था ।फिलहाल दो आरोपित अभी भी जेल के सलाखों के पीछे हैं। पुलिस इस हत्याकांड की तफ्तीश अपने स्तर से कर रही है ।वही घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड को भी लगाया गया है ताकि इस कांड में शामिल बदमाशों को पकड़ा जा सके। परिजनों का आरोप है कि केस में समझौता को लेकर विगत कई दिनों से विनोद यादव को धमकी मिल रही थी ।वहीं लोगों ने बताया कि लगातार धमकी मिलने की सूचना के बाद विनोद यादव ने कृष्णगढ़ थाना पुलिस को धमकी की सूचना भी दी थी। वही विनोद यादव बृजेश हत्याकांड में 26 जुलाई को तारीख पर भी गए थे ,वही इस हत्याकांड के बाद पुलिस को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का भी इंतजार है ।क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर विनोद यादव की हत्या किस परिस्थिति में की गई है। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है वहीं पुलिस ने अभी इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार किया है। बाईट/-परिजन(मृतक)




