आलेख :- कुमारी गुड़िया यादव
बुजुर्ग समाज के अध्यक्ष, समाजसेवी तथा साहित्य के वाहक आदरणीय भोलानाथ आलोक का 91वर्ष की आयु में आज ईलाज के दौरान मुज्जफरपुर में निधन हो गया। आदरणीय भोलानाथ आलोक के निधन से पुर्णिया के साहित्यिक तथा सांस्कृतिक जगत में ऐसी क्षति हुई है जिसे युग युगांतर तक पूरा नहीं किया जा सकता है। साहित्यकारों का कहना है कि श्रद्धेय आलोक के निधन से पुर्णिया के साहित्य का एक युग का अंत हो गया। ज्ञातव्य हो कि श्री आलोक का जन्म पुर्णिया जिले के रुपौली प्रखंड स्थित झलारी नामक गाँव में सन 1932 में हुआ था लेकिन वर्त्तमान समय में नया सिपाही टोला( पुर्णिया) में रह रहें थे इसलिये साहित्यप्रेमी के अंतिम दर्शन के लिये शव को पुर्णिया स्थित निवास नया सिपाही टोला लाया जा रहा है।




