मोदी ने मुस्लिम परिवारों को बचाया, मुगलों ने बाप तक को पानी नहीं दिया : आरिफ

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रिपोर्ट – अनमोल कुमार

नई दिल्ली :

गजनवी व औरंगजेब के दुष्कर्म को नहीं मानते हैं तो समाज में बढ़ेगी कड़वाहट
हिंदू तो मुर्दा बाप तक को पितृ पक्ष में पानी पिलाते हैं

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इंडिया टीवी संवाद मंच पर कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाए गये तीन तलाक कानून से 90 फीसदी तलाक के मामलों में कमी आई है। इससे मुस्लिम परिवारों को बचाया गया है। तलाक के बाद बच्चों की जो स्थिति होती थी, उनका भविष्य बचा है। तीन तलाक का मामला सिर्फ मुस्लिम महिलाओं तक सीमित नहीं था। आरिफ मोहम्मद ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने समाज सुधारक जैसा काम किया है। ज्ञानवापी मस्जिद विवाद और मुगल काल हुई घटनाओं पर आरिफ मोहम्मद ने कहा कि उस दौर में जो भी दुष्कर्म हुए, उसे मुसलमानों को स्वीकार करना होगा कि ऐसा हुआ था, नहीं तो आपस में कड़वाहट बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से साउथ अफ्रीका में ट्रुथ कमीशन बना, उसी तरह से हमें भी कोई काम करना होगा। आरिफ मोहम्मद ने कहा कि मुगल काल में इस्लाम की कोई दीनी हुकूमत नहीं थी। राज्यपाल ने कहा कि महमूद गजनवी और औरंगजेब ने जो भी दुष्कर्म किये हैं, अगर उसे हम नहीं मानते हैं तो उसके लिए हम जिम्मेदार हैं। और इससे कड़वाहट बनी रहेगी। लेकिन अगर हम ये कहते हैं कि मुगल बादशाह ने इससे अधिक गुनाह किया। इन्होंने तो अपने बाप और बेटी तक को कैद में रखा। आरिफ मोहम्मद ने कहा कि औरंगजेब कैद में अपने पिता शाहजहां को सीमित पानी देता था। इसपर शाहजहां ने अपने बेटे को फारसी में खत लिखा था कि आखिर तुम कैसे मुसलमान हो जो अपने जिंदा बाप को पानी नहीं देते, वहीं हिंदू तो अपने मुर्दा बाप तक को पितृ पक्ष में पानी पिलाते हैं तो फिर इस तरह के औरंगजेब को मैं क्यों डिफेंड करूंगा।

औरंगजेब को अपना पूर्वज बताने वालों पर आरिफ मोहम्मद ने कहा कि हमारे देश के लोकतंत्र, परंपरा, सिद्धांतों की शान है कि हम हर किसी को बर्दाश्त करते हैं। उन्होंने कहा कि पहले के समय में किसी ने कुछ किया तो उसके लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं, लेकिन जो इतिहास बना है, उसकी मेमोरी के लिए मैं जिम्मेदार हूं। अगर मैं उसे नहीं मानूंगा तो समाज में कड़वापन बना रहेगा।

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