:- अरविंद कुमार की रिपोर्ट
पूर्वी चंपारण जिले में आए दिन जमीन से जुड़ा विवाद सामने आ रही है । जिसमे मार पीट से लेकर हत्या तक कि घटना हो जा रही है । लेकिन इस जिले में जमीन विवाद से जुड़ा एक ऐसा विडियो वायरल हो रहा है जिसमे पुलिस कि ही कार्यशैली संदेह के घेरे में आ रहा हैं।
जी हां हमारा चैनल तो इस वीडियो कि पुष्टि नहीं करता है । लेकिन पुलिस संरक्षण में फसल की कटाई का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीणों के हो हल्ला करने पर फसल को काट रहे मजदूरों और पुलिस के जवान भाग रहे है। मामला पहाड़पुर थाना के गंगा पिपरा और बतरौलिया गांव के बीच की बतायी जा रही है। बताया जाता है कि कल शाम पहाड़पुर थाना पुलिस के निगरानी में एक पक्ष गेंहू की फसल को काट रहे थे। जो पक्ष कटनी करने में व्यस्त था उसी पक्ष ने अरेराज के एसडीओ कोर्ट में जमीन को विवादित बताते हुए निषेधज्ञा की भादवि की धारा 144 में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसपर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मामले के निपटारा होने तक उक्त विवादित जमीन पर भादवि की धारा 145 को लागू करते हुए दोनों पक्षो को विवादित खेत पर जाने से रोक लगाया है। धारा को लागू करते हुए मजिस्ट्रेट की निगरानी में लगे फसल की कटाई का नियम है। लेकिन एक पक्ष ने पहाड़पुर थाना पुलिस के सहयोग से खेत मे लगे गेंहू की फसल को काट रहे थे। जिसपर दूसरे पक्ष ने विरोध किया जिसमें दोनों पक्षो में जमकर मारपीट हुई। पुलिस की मौजूदगी में हुए मारपीट में दोनों पक्षो के दो लोगो को गंभीर चोटे आयी है। जिनका प्राथमिक इलाज के बाद मोतिहारी सदर अस्पताल बेहतर इलाज के लिये रेफर किया गया है। लेकिन सवाल उठता है कि विवादित जमीन पर पुलिस बगैर मजिस्ट्रेट के क्या करने गयी थी, और जब दोनों पक्षो में मारपीट होने लगी तो पुलिस ने बल का प्रयोग क्यो नही किया। अपनी जान बचा कर क्यो निकल गयी। पूरा मामला जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। इधर पहाड़पुर के थानाध्यक्ष संदीप कुमार ने घटना से इनकार किया है।




