धीरज शर्मा के साथ निलांबुज कुमार झा की रिपोर्ट
बिहार के तमाम जिलों के विद्यालयों में डिवर्मिंग की दवा दी गई। कई जगहों से बच्चों के बेहोश होने की खबर भी आई। खबर भागलपुर से भी मिली। भागलपुर ज़िले के नाथनगर प्रखंड क्षेत्र के अजमैरिपुर बैरिया स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में भी कृमि की दवाई खाने से करीब एक दर्जन से ज्यादा बच्चों के सिर चक्कर आने लगा व बेहोंश होने लगे। गंभीर हालत में बच्चों को रेफरल अस्पताल नाथनगर में इलाज के लिए भेजा गया। लेकिन बच्चे के गार्जियन द्वारा आक्रोश में हंगामा होने लगा। परिजनों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय बच्चे को जोंक की दवाई दी गई। जिससे कई बच्चों बेहोंश हो गए। विद्यालय के शिक्षक ने बताया कि बच्चों को एल्बेंडाजोल दवाई खिलाया गया था जिससे अचानक सभी बच्चे की तबियत बिगड़ने लगी। कई परिजन अपने बच्चे को खुद से अस्पताल इलाज के लिए गए।बच्चों की हालत बिगड़ते देख ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता चला गया और शिक्षकों की पिटाई कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि दवाई खाने के बाद जब बच्चे बीमार होने शुरु हुए तो कई शिक्षक विद्यालय छोड़ भाग गए थे और समय पर एम्बुलेंस भी नही आया। घन्टो बाद एम्बुलेंस आया, जिसके बाद सभी बच्चों को नाथनगर के रेफरल अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। फिलहाल तमाम बेहोश बच्चे होश में हैं और खतरे से बाहर हैं। नर्स और स्कूल के प्रिंसिपल से मारपीट और ग्रामीणों का आक्रोश में आना उस बात को दर्शा रहा था कि बिहार में अरबों के स्वास्थ्य बजट के बाबजूद ग्रामीण इलाकों में अभी भी जागरूकता की कमी है।




