यूक्रेन में रूस ने भाड़े के सैनिक उतारे, बढ़ेगा आम लोगों पर अत्याचार!

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अमेरिका से आलोक झा विदेशी मामलों के संवाददाता शंखनाद के लिए!

🩸 🔥 यूक्रेन के खिलाफ हिम्मत हारते देख रूस ने अब भाड़े के सैनिक मैदान में उतारे , अब बढ़ सकता है आम लोगों पर जुल्म 👹

रूस को यूक्रेन में जंग छेड़े हुए 50 दिन से ज्यादा हो चुके हैं. अभी भी दुनिया की सबसे बड़ी ताकतों में से एक रूस यूक्रेन को झुकाने में कामयाब नहीं हो पाया है. इस काम के लिए रूस ने अब किराए के लड़ाकों को काम पर लगाया है. रूस ने यूक्रेन में अपनी लड़ाई और तेज कर दी है. इसी के तहत अब रूस ने किराए के सैनिक भी यूक्रेन में तैनात करने शुरू कर दिए हैं. रूस ने सीरिया, लीबिया सहित अन्य देशों के किराए के लड़ाकों को यूक्रेन में लड़ने के लिए भेजा है. करीब 20 हजार किराए के लड़ाकों को रूस ने यूक्रेन के डोनबास इलाके में तैनात किया है. रशियन कंपनी द वागनर ग्रुप ने इन भाड़े के लड़ाकों को किराए पर लिया है. इन्हे इनकी रैंक के मुताबिक 600 डॉलर से 3000 डॉलर तक हर महीने मेहनताने के तौर पर दिए जा रहे हैं. युद्ध मानवता के खिलाफ होने वाला एक अत्याचार है. एक दुर्भाग्यपूर्ण कहावत है प्यार और जंग में सब जायज है. सवाल उठता है कि आखिर रूस का इन लड़ाकों को यूक्रेन में तैनात करने के पीछे क्या मकसद है? इस सवाल के जवाब के तौर पर डिफेंस एक्सपर्ट शैलेंद्र सिंह ने बताया कि जब इस तरह के भाड़े के लड़ाके युद्ध में उतारे जाते हैं तो युद्ध की क्रूरता और बढ़ जाती है. रूस का मकसद भी यही है कि यूक्रेन की जनता पर क्रूरता और अत्याचार को और बढ़ाया जाए. इससे युद्ध के नियमों के खिलाफ किए जाने वाले सभी तरह के गंदे और अनैतिक काम उन्हे खुद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी

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