खेती किसानी युवा संवाद का हुआ आयोजन!

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निलाम्बुज कुमार झा की रिपोर्ट

सोमवार को “खेती किसानी युवा संवाद ” का आयोजन स्थानीय कला केंद्र भागलपुर में खेती किसानी बचाओ अभियान की ओर से किया गया। कार्यक्रम में नाथनगर , गोराडीह , सन्हौला , खरीक ,नारायणपुर , बिहपुर , आदि प्रखण्डों से आये युवाओं ने हिस्सा। इस संवाद में अरविंद ने कहा कि अनाज और सब्जी की उपज तो बहुत बढ़ गई है लेकिन किसान के पास पैसा नहीं रहता है ,खेती करके वह बाल बच्चों को नहीं पढ़ा सकता है, इलाज नहीं करवा सकता है। सुनील मंडल ने कहा जो पहले मालिक था अपने मन का राजा उसका बच्चा शहर जाकर दरबानी कर रहा है। मनोज ने कहा कि हम अपना धान 12 ₹/ किलो बेचते हैं और धान का बीज 600 ₹/ किलो खरीदते हैं। हमसे उपज बढ़वाकर सारा पैसा कम्पनी का मालिक ले लेता है। दीप प्रिया ने कहा कि कोई युवा अपना गांव छोड़कर नहीं जाना चाहता ,लेकिन गांव नहीं छोड़ेगा तो दो चार बीघा खेती भी नहीं होगा। सभी ने एक स्वर से माना कि खेती किसानी को लाभकारी बनाकर ही आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो सकता है ,पलायन रुक सकता है। आज भी खेती किसानी से 70 % लोग जुड़े हुए हैं और उनकी आजीविका जुड़ी है। खेती किसानी बचाओ अभियान के संयोजक उदय ने बताया कि इन्हीं मुद्दों पर विस्तार ने बात करने हेतु खेती किसानी संवाद का आयोजन पटना के बी डी वि एस में रखा गया गया है । इस कार्यक्रम में भाग लेने सुनील तांबे महाराष्ट्र से आ रहे हैं ,जो पेशे से पत्रकार हैं। सुनील तांबे लंबे समय से अमेरिकी पत्र रायटर में कृषि मामलों पर लिखते रहे हैं। खेती किसानी बचाओ अभियान के पटना आयोजन में भागलपुर से कई युवा शरीक होने जायेंगे ऐसा आज के कार्यक्रम में निर्णय हुआ। कार्यक्रम में मिथलेश कुमार , उमेश आर्य , भरत कुमार सिंह ,विनय भारती ,लाडली राज , नीरज , कोमल , गुलशन , सुधीर राज नारायण , चंदा देवी ,संतोष ,मनीषा , अमृता ,शशि भूषण ,रंजीत ,अप्रेंद्र आदि ने भाग लिया।

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