रागिनी शर्मा
आज बिहार विधान परिषद में वित्त, राजस्व व भूमि सुधार एवं वाणिज्य कर विभाग के बहस में भाग लेते हुए विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि बिहार का जनसंख्या घनत्व अधिक रहने के कारण भूमि पर अत्यधिक दबाव रहता है
माननीय नीतीश कुमार जी ने अपने कार्यकाल में न्याय के साथ विकास पर लगातार अग्रसर होकर महत्वपूर्ण योजनाऐं चला रहे हैं जैसे-
ऑनलाईन दाखिल-खारिज –
ऑनलाईन भू-लगान भुगतान
ऑनलाईन भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC) –
अभियान बसेरा कार्यक्रम
परिमार्जन पोर्टल एवं अन्य
गौरतलब है कि देश की आजादी के बाद बिहार में भूमि संबधित बहुत कानून बने लेकिन राजद शासनकाल 1990 से 2005 तक एक भी भूमि संबंधी कानून नहीं बना ।
बिहार में 1960 के दसक में जमीन सीलिंग तय की गई (1961) तथा सीलिंग एक्ट में दो बार संशोधन 1973 एवं 1976 में किया गया
आगे उन्होंने लालू परिवार के संपत्ति की अपरोक्ष चर्चा करते हुए कहा कि दिल्ली, औरंगाबाद , गोपालगंज, मुजफ्फरपुर को छोड़ सिर्फ पटना में 43 बिगहा, 12 कट्ठा, 14 धूर, 16 धुरकी जमीन है । जिसका वास्तविक विक्रय मुल्य लगभग 396 करोड़ होगा । जबकि राज्य सरकार का 2022-23 का
- पर्यटन विभाग 326 करोड़
- मद्य निषेध विभाग 264 करोड़
- सूचना प्रावैधिकी विभाग 231 करोड़
- कला संस्कृति विभाग 176.5 करोड़
- वाणिज्य कर विभाग 176 करोड़
- गन्ना उद्योग विभाग 120 करोड़
बजट ही है ।
सदन में कहा कि ऐसी स्थिति में जब ग्रमीण क्षेत्रों में शहरी करण हो रहा है, अपार्टमेंट सहित वि निर्माण के कार्य हो रहे हैं ऐसी स्थिति में लैंड सीलिंग एक्ट 1961 में संशोधन कर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अलग – अलग सीमा तय करने की जरुरत है। साथ ही साथ कहा कि जब पटना जिला में ही लालू परिवार के पास 43 बिगहा 12 कट्ठा 14 धूर 16 धुरकी जमीन है जो लगभग 27.3 एकड़ है ।
इसके अलावा औरंगाबाद, गोपालगंज, बेतिया, मुजफ्फरपुर सहित अन्य जगहों पर बेसुमार संपत्ति है ।
सदन में माँग किया कि राज्य के विभिन्न जिलों में लैंड सीलिंग एक्ट 1961 के तहत लालू परिवार के पूरे संपत्ति का जाँच किया जाय और दलित, अति पिछड़ा, अल्पसंख्यक, सामान्य समूदाय के भूमिहीन लोगों के बीच जमीन का बंटवारा किया जाय ।
साथ ही साथ यह भी माँग किया कि जैसे समाज के विभिन्न तब्के यथा दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, अल्पसंख्यक भूमिहीन के लिए बास की जमीन सरकार द्वारा दी जा रही है उसी ढंग से सामान्य समुदाय के भूमिहीन लोग के लिए बास का जमीन देने हेतु कार्य योजना बनाई जाय । सदन में माननीय मंत्री से माँग किया कि अगर संपत्ति सृजन के मामले में बिहार लैंड सीलिंग एक्ट 1961 का उल्लंघन एक परिवार ने किया है तो सक्षम कानून के तहत कार्यवाई करें एवं अगर संपत्ति गैर कानूनी है तो न्यायिक बुल्डोजर चलाऐं चाहे मॉल हो या अपार्टमेंट हो । मंत्री ने आश्वस्त किया कि लिखित शिकायत दर्ज करने पर जाँचोपरांत कार्यवाई की जाऐगी ।




