रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रहेगा
मधुबनी जिले के इंडिया गठबंधन दल के राजद, कॉग्रेस, ,माले, माकपा, भाकपा के सैकड़ों नेता और कार्यकर्ताओं द्वारा टॉऊन क्लब मैदान से स्टेशन मुख्य सड़क होते हुए समाहरणालय के समक्ष पहूचे। जहां कर डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर के प्रतिमा स्थल पर जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री मोदी,अमित शाह एवं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया,जहां आयोजित सभा की अध्यक्षता इंडिया गठबंधन के संयोजक बीर बहादुर राय ने किया। जबकि राजद के पूर्व विधायक रामशीष यादव, कॉग्रेस के अध्यक्ष मीणा कुशवाहा, माले के जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण, माकपा के जिला सचिव मंडल सदस्य दिलीप झा, भाकपा के जिला सचिव मिथिलेश झा ने प्रतिरोध मार्च का संयुक्त रूप से नेतृत्व किया,सभा को संबोधित करते हुए इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार वोट चोरी कर सत्ता से चिपके हुए हैं, मोदी और अमित शाह संवैधानिक संस्था की हत्या कर दिया है, संविधान और लोकतंत्र के बदौलत ही मोदी प्रधानमंत्री बन पाए। वही आज उसी लोकतंत्र को समाप्त करने पर ये लोग उतारू है, नेताओं ने आगे कहा है की तीन सदस्यीय चुनाव आयुक्त में से दो चुनाव आयुक्त ने दस महीने में चौदह बार अपनी आपत्तियां दर्ज किया। परन्तु मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मनमर्जी करते रहे ,देशोभर में ज्ञानेश कुमार ने तेरह करोड़ से अधिक मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटा दिया और मोदी को कई राज्य में सरकार बना दिया। ज्ञानेश कुमार , मोदी और अमित शाह के इशारे पर ये कुकर्म का खेल देश भर मे चलता रहा। प्रदर्शन के दौरान इंडिया गठबंधन के नेताओं ने जमकर भाजपा पर हमला बोलते हुए ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर जेल भेजने,वोट चोरी करने के आरोप मे गद्दी छोड़ने की बात कही, नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 71 लाख फॉर्म 06 भरे गए लेकिन वोट बन गये 84 लाख यानी एस आई आर प्रक्रिया जालसाजी है, ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री के सह पर मनमर्जी करते रहे। आगे गठबंधन नेताओं ने कहा कोई भी प्रक्रिया जो भारत के नागरिक से वोट का अधिकार छीन लेती है वह संविधान के आर्टिकल 326 के खिलाफ है। जिससे सभी व्यस्कों को वोट का अधिकार मिला है। वोट का अधिकार छीन लेना आर्टिकल 14 के खिलाफ है,जो सभी को समानता का अधिकार देता है , नेताओं ने कहा कि वोटर लिस्ट में एक बार दर्ज किए गए किसी भी नागरिक का नाम बिना नोटिस और सुनवाई के नहीं हटाया जा सकता है, ज्ञानेश कुमार पर अवैध रूप से स्पेशल इंटेंसिव रविशन एस आई आर लागू करने, वोट देने अधिकार से लोगों को वंचित करने को लेकर मुकदमा चलाया जाना चाहिए, उन्होंने जनतंत्र का गला घोंटा है। मोदी सरकार जानबूझकर व सोच-समझकर इस तरह के कार्य सत्ता में कायम रहने के लिए करवाने का कार्य किया है। मोदी ने देश से धोखाधड़ी कर रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग की कानूनी जिम्मेदारी है कि प्रत्येक पात्र नागरिक सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से अपने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल कर सके। एस आई आर और फॉर्म 6 में किए गए संशोधन पर बिना दे किए रोक लगनी चाहिए। आगे महागठबंधन नेताओं ने कहा अब देश के नागरिक सब समझ चुकी है। यह आंदोलन और तेज होगा और ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, दिल्ली और मुंबई में आंदोलनकारियों पर मोदी की पुलिस पदाधिकारी दमनात्मक कारवाई कर रहा है, पत्रकारों के साथ पुलिस पदाधिकारी अभद्रता पर उतारू है, ऐसे पुलिस के लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होना चाहिए। ज्ञानेश कुमार की रक्षा करने के लिए मोदी सरकार सभी कुकर्म करने पर उतारू है। जो इस देश के लोग खासकर नौजवान अब बर्दाश्त नहीं करेगा। मोदी ने अपने चहेते ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए 2023 में ही कानून बना डाला। बनाए गए कानून मे कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध किसी भी तरह का कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती। जबकि चुनाव आयोग में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, लोकसभा के प्रतिपक्ष के नेता को रहना अनिवार्य होना चाहिए, लेकिन मोदी मनमर्जी कर लोकतंत्र और संविधान को धज्जियां उड़ा रहें हैं। अपने लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल कर रहे है। आगे बक्ताओ ने कहा हम सब को एकताबद्ध होकर संघर्ष करना होगा,सभा को राजद के वरिष्ठ नेता राजकुमार यादव, राजेन्द्र यादव, ब्रजेश यादव, वीणा देवी, प्रदीप प्रभाकर, कॉग्रेस के टेक नाथ पाठक,विनय कुमार झा, गोपाल महंत,माले के श्याम पंडित,पुर्णेदु कुमार, विशम्बर कामत, मयंक कुमार, भूषण सिंह,नवल किशोर यादव, योगेन्द्र महतो,सुनिता सदाय माकपा के रामजी यादव, गणपति झा, शशिभूषण प्रसाद, सत्यनारायण यादव, बिन्दु यादव,अरूण यादव,प्रभात कुमार, कैलाश पासवान, भाकपा के मनोज मिश्र, सत्यनारायण राय, मोती लाल शर्मा, माले के शिघेंश्वर पासवान, सज्जन सदाय, असर्फी सदाय,मोहम्मद ईमरान सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।



