रिपोर्ट – ऋषभ कुमार!
वाल्मीकिनगर बराज से करीब पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है और जलस्तर में तेजी से हुई वृद्धि के बाद वैशाली जिले के लालगंज प्रखंड के खजौली, वृंदावन,पीड़ापूर समेत कई गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है जिस कारण लोग रतजगा करने को मजबूर है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि पानी के दवाब के कारण रिंग बांध में भी कई जगह रिसाव शुरू हो गया जिसकी सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन फानन प्रशासन की टीम और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और रिसाव को रोका गया।हालांकि अभी भी कुछ जगहों पर बांध में रिसाव हो रहा है जो ग्रामीणों की चिंता का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।लालगंज प्रखंड क्षेत्र के पीड़ापूर में वार्ड नंबर 4 और 5 के बीच कई जगहों पर रिसाव की सूचना के बाद प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर सक्रिय हो गए।बीडीओ सुजीत कुमार, सीओ विश्वजीत कुमार समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।जहां-जहां बांध में रिसाव की सूचना मिल रही है वहां बोरे में मिट्टी भरकर रिसाव को रोकने और बांध को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।साथ ही प्रशासन की टीम लगातार संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रही है।पीड़ापूर वार्ड नंबर 5 में भूखलू राय के घर के समीप की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई जा रही है यहां बांध पहले से कमजोर है और लगातार रिसाव होने की सूचना है।ऐसे में गंडक का जलस्तर और बढ़ने पर स्थिति गंभीर होने की आशंका से ग्रामीणों में दहशत है।खास बात यह है कि एक बार से फिर गंडक के निचले इलाके में रहने वाले लोग बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर है।आलम यह है कि सैकड़ो घर मे पानी घुस गया है और लोग ऊंचे स्थान पर शरण लिए हुए है।
बाइट-सुजीत कुमार,बीडीओ
बाइट-राजदेव राय,बाढ़ पीड़ित
बाइट-लालू राय, मुखिया प्रतिनिधि
बाइट-मिथलेश कुमार राय, ग्रामीण




