नालंदा- संत बाबा महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, राजद नेता शक्ति यादव भी रंगे भक्ति मे!

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रिपोर्ट – मिथुन कुमार!

नालंदा जिले के राजा कुआं आश्रम में बुधवार को संत महोत्सव के अवसर पर आस्था का विशाल जनसैलाब देखने को मिला। त्रिकालदर्शी कहे जाने वाले संत बाबा के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर श्रद्धा निवेदित की और उनके श्रीचरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस धार्मिक आयोजन में राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही।

हिलसा के पूर्व विधायक और राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव हजारों श्रद्धालुओं के साथ नकटपुरा गांव से पैदल मार्च करते हुए राजा कुआं आश्रम पहुंचे। पूरे रास्ते श्रद्धालु संत बाबा के जयकारे लगाते नजर आए।

आश्रम पहुंचकर शक्ति सिंह यादव ने संत बाबा की खड़ाऊं, धोती और लंगोटा चढ़ाकर श्रद्धा अर्पित की। इसके बाद उन्होंने संत बाबा की महिमा का उल्लेख करते हुए उन्हें निष्काम कर्मयोगी संत शिरोमणि बताया।

शक्ति सिंह यादव ने कहा कि संत बाबा की प्रसिद्धि केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं थी। उन्होंने अपने जीवनकाल में संत बाबा से मिलने का संस्मरण भी साझा किया। उन्होंने कहा कि संत बाबा का तपस्या कक्ष, कुआं और आश्रम परिसर का वातावरण आज भी उनकी स्मृतियों की याद दिलाता है।

उन्होंने बताया कि संत बाबा प्रकृति के प्रति विशेष सम्मान रखते थे और पशु-पक्षियों तथा पेड़-पौधों तक के लिए आदरपूर्वक जी शब्द का इस्तेमाल करते थे। शक्ति यादव ने कहा कि संत बाबा किसी के मन में कटुता होने पर भी उसकी बात समझ लेते थे।

शक्ति सिंह यादव ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से भी संत बाबा को नमन किया। उन्होंने लालू प्रसाद यादव से जुड़ा एक पुराना संस्मरण सुनाते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव भी कभी संत बाबा के दरबार में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने आश्रम में चहल-पहल और सुविधाएं बढ़ाने की इच्छा जताई थी, लेकिन संत बाबा ने कथित तौर पर इसे स्वीकार नहीं किया और कहा था कि वे इसी स्थान पर रहना चाहते हैं।

शक्ति यादव ने नकटपुरा के लोगों और संत बाबा के बीच गहरे जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने राज्य की खुशहाली, सामाजिक सद्भाव और लालू प्रसाद यादव की दीर्घायु की कामना की।

संत महोत्सव के दौरान राजा कुआं आश्रम श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक माहौल से सराबोर रहा। पूरे आयोजन में संत बाबा के जयकारों से आश्रम परिसर गूंजता रहा।

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