औरंगाबाद – मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबी चार बच्चीयां, 3 को बचाया एक की मौत!

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रिपोर्ट – रुपेश कुमार!

औरंगाबाद सिंघना गांव में कर्म पूजा के अवशेष विसर्जन के दौरान डूबी चार युवतियां, एक की हुई मौत,दो घंटे बाद मिला शव

औरंगाबाद सिंघना गांव में करमा का त्योहार मातम में बदल गया। गांव के दीपक सिंह की बड़ी बेटी आकांक्षा कुमारी (17 वर्ष) की पोखर में डूबने से मौत हो गई।

आकांक्षा अपनी तीन सहेलियों पायल कुमारी, छाया कुमारी और पुष्पांजलि कुमारी के साथ करमा पूजा के अवशेष विसर्जन करने गांव के पोखर पर गई थी। विसर्जन के दौरान आकांक्षा गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी।

डूबती सहेली को देख तीनों सहेलियों ने भी पोखर में छलांग लगा दी। चारों एक साथ डूबने-उतराने लगीं। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े और बड़ी मशक्कत के बाद तीन युवतियों को बचा लिया, लेकिन आकांक्षा गहराई में समा गई।

आकांक्षा एक भाई एक बहन में सबसे बड़ी थी। छोटा भाई अपनी दीदी की याद में मां-पिता से लिपटकर “दीदी उठो न…” कहकर रो-रोकर बेहाल हो रहा है। मां की आंखों के आंसू सूख चुके हैं, पिता बेसुध बैठे हैं।

बताया जाता है कि आकांक्षा की शादी तय हो चुकी थी और एक साल बाद उसकी डोली उठनी थी। डोली से पहले ही उसकी अर्थी उठ गई।

वहीं बची तीनों युवतियों को इलाज के लिए बालूगंज निजी क्लिनिक ले जाया गया, जहां से उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में तीनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

घटना की सूचना पर अंबा पुलिस गांव पहुंची और पूरे मामले की तहकीकात की। ग्रामीणों ने बताया कि चारों सहेलियों एक दूसरे की पूरक थी और हमेशा साथ ही रहा करती थी। लेकिन कुदरत ने एक को जुदा कर दिया।

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