रिपोर्ट – रवि शंकर कुमार!
शेखपुरा जिला-घाटकुसुम्भा प्रखंड टाल क्षेत्र हरोहर नदी की बाढ़ का पानी इलाके में फैल जाने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है लेकिन बच्चों की शिक्षा पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। बिलौनी मध्य विद्यालय और आसपास के गांवों के नौनिहाल जान जोखिम में डालकर रोजाना सीने तक पानी और उफनती धाराओं को पार करने को विवश हैं। गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित घाट कुसुम्भा मध्य विद्यालय तक पहुंचने के लिए बच्चों को चारों तरफ फैले बाढ़ के पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। प्रशासनिक लापरवाही चारों तरफ विकट बाढ़ होने और बच्चों के इस तरह रोजाना खतरनाक तरीके से स्कूल आने-जाने के बावजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था या ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।



