रिपोर्ट – अमित कुमार!
मृत्युंजय तिवारी बातचीत करते हुए कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सबसे पहले राष्ट्रीय जनता दल के छह एमएलसी उम्मीदवारों की घोषणा और उस पर रोहिणी आचार्य के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह पूरी तरह से राजद का आंतरिक मामला है और इसमें भाजपा की कोई दिलचस्पी नहीं है। लेकिन उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजद में किस प्रक्रिया से टिकट मिलता है यह बात किसी से छिपी नहीं है और यह जगजाहिर है। राजद की आज जो दुर्गति हुई है और जनता का विश्वास जो राजद से टूटा है उसका सबसे बड़ा कारण यही आंतरिक कलह है। राजद आज आपसी लड़ाई से जूझ रही है और उसके गठबंधन में भी दरार साफ दिखाई दे रही है।
दूसरे सवाल में जब उनसे भागलपुर और सीतामढ़ी में हुई हत्या की घटनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ हर एंगल से जांच कर रही है और जो भी दोषी होगा उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बिहार में अब कानून का राज है और अपराधियों के लिए दो ही जगह है या तो वे बिहार छोड़ दें या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें। वर्तमान सरकार अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
वहीं जगहों का नाम बदलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सबको अपनी बात रखने की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और समय-समय पर महान पुरुषों के नाम पर जगहों के नाम रखे जाते रहे हैं, यह सरकार का विषय है और सरकार इस पर निर्णय लेगी।



