बेगूसराय- जिलाधिकारी के नेतृत्व में युद्ध स्तर पर चलाये जा रहे हैँ बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य!

SHARE:

:- रवि शंकर अमित!

बेगूसराय जिला अंतर्गत बाढ़ 2026 से प्रभावित क्षेत्रों में जिला पदाधिकारी, बेगूसराय श्री रिची पांडेय के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित जरूरतमंद परिवारों तक समयबद्ध एवं प्रभावी सहायता पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं प्रतिबद्ध है। जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति का जायजा लेने तथा आवश्यकता के अनुरूप राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

वर्तमान में दोपहर 02:00 बजे जिले में गंगा नदी का जलस्तर 43 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 41.76 मीटर से ऊपर है, जबकि सर्वोच्च बाढ़ स्तर (HFL) 43.52 मीटर है। जिलान्तर्गत सभी तटबंध पूर्णतः सुरक्षित हैं तथा उनकी सुरक्षा एवं स्थिति पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

बाढ़ से जिले के कुल 8 प्रखंड प्रभावित हैं। इनमें 37 ग्राम पंचायत एवं 2 नगर पंचायत सहित कुल 39 पंचायत प्रभावित हैं। बाढ़ से कुल 189 गांव, 95,245 परिवार तथा लगभग 3,80,980 की आबादी प्रभावित हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर नौका परिचालन किया जा रहा है। वर्तमान में कुल 269 नावों का परिचालन किया जा रहा है, जिनमें 23 सरकारी तथा 246 निजी नाव शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी एवं शाम्हो में एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति की गई है, जबकि बलिया क्षेत्र में एनडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति की गई है।

बाढ़ प्रभावित लोगों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में 183 सामुदायिक रसोई केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। इन सामुदायिक रसोई केन्द्रों के माध्यम से अब तक कुल 7,42,141 थाली भोजन का वितरण किया जा चुका है। प्रभावित परिवारों को आवासीय एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए पॉलिथीन शीट्स का भी वितरण किया जा रहा है। अब तक कुल 31,113 पॉलिथीन शीट्स वितरित की जा चुकी हैं, जबकि वर्तमान में 41,880 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वर्तमान में 71 मेडिकल कैम्प कार्यरत हैं तथा 4 बोट एम्बुलेंस के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक कुल 37,649 व्यक्तियों का उपचार किया जा चुका है।

पशुधन की सुरक्षा एवं उपचार के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में कुल 54 पशु कैम्प संचालित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों के माध्यम से अब तक 9,597 पशुओं का उपचार किया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित पशुपालकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से अब तक कुल 1,785.1 क्विंटल पशुचारा वितरित किया गया है।

बाढ़ के कारण कृषि क्षेत्र में हुई क्षति का भी आकलन किया जा रहा है। वर्तमान आकलन के अनुसार कुल 27,034 हेक्टेयर रकवा प्रभावित हुआ है, जिसमें 33 प्रतिशत से अधिक क्षति वाले प्रभावित रकवे का क्षेत्रफल 19,504 हेक्टेयर है।

जल संसाधन विभाग द्वारा जिलान्तर्गत सभी तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। सभी तटबंध पूर्णतः सुरक्षित हैं तथा बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से उनकी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता एवं पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा भी आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 137 अस्थाई शौचालय संचालित किए गए हैं तथा पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 73 नए चापाकल गाड़े गए हैं।

जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुरूप नाव, भोजन, चिकित्सा, पेयजल, पशुचारा एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।

Join us on: