रिपोर्ट – अमित कुमार!
आम जनमत पार्टी को वित्तीय वर्ष 2023-24 में करीब 620 करोड़ रुपये का चंदा मिलने के मामले में अब बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष अनामिका पासवान ने सफाई दी है। अनामिका पासवान ने कहा है कि उन्हें इस मामले में बेवजह फंसाया जा रहा है और पार्टी को मिले चंदे से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
अनामिका पासवान के मुताबिक, उन्होंने साल 2020 में आम जनमत पार्टी का गठन किया था और वह पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनी थीं। हालांकि, वर्ष 2022 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। उनका दावा है कि उन्होंने पार्टी को खत्म करने के लिए वकील से भी कहा था और अपने हस्ताक्षर किए हुए कागजात भी सौंप दिए थे।
बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष अनामिका पासवान ने कहा कि पार्टी को बाद में गुजरात के गौरव मिश्रा को ट्रांसफर कर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने प्लेन पेपर पर साइन कर अपना इस्तीफा दे दिया था और पार्टी से उनका संबंध समाप्त हो गया था।
अनामिका पासवान ने कहा कि आम जनमत पार्टी को मिले चंदे से उनका कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें इस मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
साथ ही अनामिका पासवान ने सरकार से भी पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
आम जनमत पार्टी को मिले कथित चंदे के मामले में अनामिका पासवान की सफाई के बाद अब पूरे प्रकरण की जांच की मांग उठी है। देखना होगा कि जांच में इस मामले को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।




