:- रवि शंकर अमित!
मुख्य बिंदु :-
बिहार में कम से कम 100 टेक्नोलॉजी सेंटर विकसित किए जाने की जरूरत।
इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक छात्रों को 24 घंटे के भीतर परीक्षा परिणाम उपलब्ध कराने की दिशा में होगी पहल।
निजी संस्थानों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीक और बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
पटना, 04 सितम्बर 2026 : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज राजधानी पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिमेज आई०टी० पार्क में नवनिर्मित 1200 सीटिंग कैपेसिटी वाले बहुउद्देशीय सभागार का उद्घाटन किया। इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का युग है। यदि बिहार के युवा नई तकनीक को अपनाते हुए कड़ी मेहनत करें तो बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिहार तेजी से बदल रहा है और हम सभी को अगले चार-पांच वर्षों में राज्य को स्वर्णिम युग की ओर ले जाने का संकल्प लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिमेज द्वारा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में की गई पहल सराहनीय है। उन्होंने उद्योग विभाग को बधाई देते हुए कहा कि बिहार में ऐसे कम से कम 100 टेक्नोलॉजी सेंटर विकसित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में भी रणनीति, ज्ञान और तकनीक के प्रभावी उपयोग के उदाहरण मिलते हैं। आज समय के साथ तकनीक का स्वरूप बदल गया है। कंप्यूटर, मोबाइल, सोशल मीडिया और अब ए०आई० ने दुनिया को नई दिशा दी है। एक समय लोगों को आशंका थी कि कंप्यूटर आने से रोजगार के अवसर कम हो जाएंगे, लेकिन आज यही तकनीक रोजगार, नवाचार और विकास का प्रमुख माध्यम बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को लेकर यह धारणा बदलने की आवश्यकता है कि राज्य तकनीक के क्षेत्र में पीछे है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ए०आई० और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें तथा बिहार को देश के अग्रणी तकनीकी राज्यों की श्रेणी में पहुंचाने में योगदान दें। उन्होंने सिमेज परिवार द्वारा सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को आई०आई०टी० तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से जोड़कर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार निजी संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है, उसी प्रकार सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीक और बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सहयोग कार्यक्रम एवं सहयोग पोर्टल का उल्लेख करते हुए कहा कि आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 7.13 लाख से अधिक लोगों ने इस व्यवस्था के माध्यम से आवेदन किया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक आवेदन पर 30 दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारी को स्वतः नोटिफिकेशन भेजा जाता है तथा आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाती है। उन्होंने कहा कि इस पूरी व्यवस्था में ए०आई० और तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को मुख्यमंत्री स्तर पर सहयोग कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की जाती है तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक कॉलेजों की परीक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह तकनीक आधारित बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को परीक्षा के 24 घंटे के भीतर परिणाम उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही, किसी कारणवश असफल घोषित विद्यार्थियों को शीघ्र पुनर्परीक्षा का अवसर देने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी, ताकि उनका एक शैक्षणिक वर्ष व्यर्थ न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और राज्य ने देश को स्वर्णिम युग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज आवश्यकता है कि बिहार के युवा भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए न्याय के साथ विकास और राज्य की समृद्धि में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। सभागार के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने पूरे परिसर का भ्रमण कर कंप्यूटर क्लास, लैब एवं अन्य सुविधाओं का अवलोकन किया तथा छात्रों से संवाद किया। इस दौरान छात्रों ने उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए०आई०) आधारित विभिन्न तकनीकी परियोजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री श्री संजय सिंह टाइगर, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री डॉ. अशोक चौधरी, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, विधान परिषद के उपसभापति श्री रामवचन राय, विधान पार्षद श्री ललन सर्राफ, उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार सहित अन्य अधिकारीगण, सिमेज परिवार के सदस्य, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।



