कानून अब कागजों तक नहीं रहेगा सीमित, गांव-गांव पहुंचेंगे 255 ‘कानून के प्रहरी!

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रिपोर्ट- निभाष मोदी

कानून अब कागजों तक नहीं रहेगा सीमित, गांव-गांव पहुंचेंगे 255 ‘कानून के प्रहरी’; भागलपुर में पारालीगल वॉलंटियर्स का एक दिवसीय प्रशिक्षण

भागलपुर। आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने और कानून को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भागलपुर के टाउन हॉल में पारालीगल वॉलंटियर्स का एक दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में भागलपुर और बांका जिले के कुल 255 पारालीगल वॉलंटियर्स शामिल हुए। इनमें 65 वॉलंटियर्स बांका से, जबकि शेष 190 वॉलंटियर्स भागलपुर से पहुंचे।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आम लोगों तक कानून की जानकारी पहुंचाना रहा। प्रशिक्षण के दौरान वॉलंटियर्स को यह समझाया गया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उसके हक, अधिकार और कानूनी सहायता की जानकारी किस तरह पहुंचाई जाए। खासकर गांवों में रहने वाले लोगों को अक्सर यह जानकारी नहीं होती कि किसी समस्या के सामने आने पर उन्हें किस विभाग या संस्था के पास जाना है, कौन-सा आवेदन करना है और कानूनी मदद किस प्रकार प्राप्त करनी है।कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कानून सिर्फ अदालतों और कानूनी किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसकी जानकारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। आधार कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेजों से जुड़े मामलों से लेकर बड़े कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं तक, आम लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कई बार जानकारी के अभाव में अपने अधिकार हासिल करने में परेशानी होती है। कई लोग यह भी नहीं जानते कि किसी समस्या के समाधान के लिए कहां शिकायत करनी है, किस अधिकारी से संपर्क करना है और उन्हें निशुल्क कानूनी सहायता कब मिल सकती है। ऐसे लोगों के लिए पारालीगल वॉलंटियर्स एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेंगे।प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये सभी वॉलंटियर्स अपने-अपने क्षेत्रों में गांव-गांव जाकर लोगों को कानून और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे। वे लोगों को कानूनी प्रावधानों, अधिकारों, सरकारी सहायता और जरूरत पड़ने पर कानूनी सेवाओं तक पहुंचने के तरीकों की जानकारी देंगे।

इस एक दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि हर नागरिक को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति को सिर्फ कानून की जानकारी के अभाव में अपने हक से वंचित नहीं होना चाहिए। भागलपुर और बांका कमीशनरी के पारालीगल वॉलंटियर्स को इसी जिम्मेदारी के लिए प्रशिक्षित किया गया, ताकि कानून की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

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