रिपोर्ट – निभाष मोदी!
मायागंज अस्पताल में इलाज को लेकर जोरदार हंगामा: घायल युवक की मौत के बाद 3 घंटे तक परिजनों का बवाल, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
भागलपुर। मायागंज अस्पताल में इलाज में देरी के आरोप को लेकर शनिवार को उस समय जमकर हंगामा हो गया, जब सीढ़ी से गिरकर घायल हुए 23 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में करीब तीन घंटे तक जोरदार हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिलने और एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजे जाने का आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना मिलने के बाद बरारी पुलिस चौकी के कर्मी मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद परिजनों को शांत कराया।मृतक युवक की पहचान मिथिलेश पासवान, उम्र 23 वर्ष, निवासी मिर्जाचौकी, झारखंड के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक सीढ़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन उसे इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी और इलाज के अभाव में युवक ने दम तोड़ दिया।मृतक के भाई छट्ठू पासवान ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घायल युवक को लेकर वे मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर पहुंचे थे, लेकिन करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक उन्हें वहीं खड़ा रखा गया। इसके बाद डॉक्टर आए और कथित तौर पर कहा गया कि यहां इलाज नहीं होगा। इसके बाद उन्हें दूसरे विभाग में भेज दिया गया।परिजनों के मुताबिक, जब वे दूसरे विभाग में पहुंचे तो वहां भी इलाज नहीं होने की बात कहकर उन्हें किसी अन्य विभाग में भेज दिया गया। आरोप है कि करीब चार घंटे तक उन्हें एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजा जाता रहा, लेकिन इस दौरान युवक की न तो उचित जांच की गई और न ही कोई इंजेक्शन लगाया गया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों से इलाज की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।मृतक के भाई ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर से इलाज के संबंध में बात करने पर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने कहा कि पूर्वी बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे थे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। इसी बीच युवक की हालत बिगड़ती गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई।युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले इस हंगामे से अस्पताल में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर बरारी पुलिस चौकी के कर्मी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया।
घटना के बाद बरारी पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। वहीं, घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन के अस्पताल अधीक्षक ने कहा कि हम लोग मरीजों की सेवा के लिए हैं अगर किसी ने इसे नजरअंदाज किया है और उसकी लापरवाही से यह जान गई है तो उसे किसी भी हालत में सजा मिलेगी।



