रिपोर्ट – अमित कुमार!
मँगनी लाल मंडल ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवाद और बातचीत से ही समस्याओं का हल निकलना चाहिए, न कि बल प्रयोग से। उनके अनुसार जब सरकार किसी मुद्दे को लगातार नजरअंदाज करती है और आम लोगों की आवाज को सुनने से बचती है, तब सड़क पर उतरना और विरोध करना मजबूरी बन जाता है। ऐसे में अगर उसी विरोध को दबाने के लिए लाठी का इस्तेमाल किया जाए तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ जाता है। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री और झारखंड सरकार से मांग की है कि वे छात्रों के प्रतिनिधियों से तुरंत बैठक करें, उनकी मांगों को गंभीरता से सुनें और समाधान का रास्ता निकालें। मंडल का मानना है कि सरकार का रवैया समाधान वाला होना चाहिए, न कि दमन वाला।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी हमेशा पारदर्शिता और संवैधानिक अधिकारों के पक्ष में खड़ी रही है। किसी भी सरकारी कार्रवाई में नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा होना जरूरी है। कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार का दायित्व है, लेकिन उसी के नाम पर अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलना उचित नहीं है। उनका कहना था कि लाठीचार्ज जहां भी होता है, उसके पीछे कहीं न कहीं सरकार की अनदेखी और संवादहीनता होती है। लोकतांत्रिक सेटअप में इस तरह के व्यवहार के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
इसी बयान में मांगीलाल मंडल ने शराबबंदी के मुद्दे पर भी अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शराबबंदी के सिद्धांत के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिस तरीके से इसका क्रियान्वयन हो रहा है उसकी समीक्षा जरूरी है। उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर का उदाहरण देते हुए कहा कि जब बिहार में पहली बार शराबबंदी लागू की गई थी तब इस तरह का माफिया राज और अवैध कारोबार नहीं पनपा था। आज की स्थिति बिल्कुल अलग है। शराबबंदी के बाद राज्य में शराब के तस्करों और अवैध विक्रेताओं का एक पूरा नेटवर्क खड़ा हो गया है। इससे न केवल कानून का उल्लंघन बढ़ा है बल्कि करोड़ों रुपये की एक समानांतर अर्थव्यवस्था भी बन गई है जो पूरी तरह ब्लैक मार्केट पर चलती है।
मंडल का आरोप है कि इस अवैध कारोबार से अपराध बढ़ रहा है। तस्करी के साथ अपराधी, अवैध हथियार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियां भी पनप रही हैं। सरकार के नियंत्रण से यह पूरा तंत्र बाहर होता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जीतन राम मांझी शुरू से ही शराबबंदी के खिलाफ रहे हैं और यह उनका व्यक्तिगत स्टैंड है। अंत में उन्होंने दोहराया कि हर नीति में पारदर्शिता होनी चाहिए और हर कार्रवाई में लोगों के संवैधानिक अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
Byt प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल



