रिपोर्ट :- संतोष चौहान
सुपौल :- नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में हाल में हुई हिंसा के बाद लागू अनिश्चितकालीन कर्फ्यू में प्रशासन ने शनिवार से आंशिक ढील देने का निर्णय लिया है। कर्फ्यू में राहत मिलने के बाद भारत-नेपाल सीमा पर लोगों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कड़ी बनी हुई है। जिला प्रशासन के अनुसार, सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर रविवार सुबह 9 बजे तक प्रभावी कर दिया गया। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्धारित क्षेत्रों में नेपाल के कानून तहत निषेधाज्ञा लागू रखी है।
निषेधाज्ञा के तहत सुनसरी के इटहरी उपमहानगरपालिका के वार्ड 16 और 17, रामधुनी नगरपालिका के वार्ड 1 और 5, इनरुवा, दुहबी, भोक्राहा नरसिंह, कोशी, गढ़ी, देवानगंज, हरिनगर तथा बर्जू सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।
पुलिस के अनुसार, हिंसा के सिलसिले में अब तक कोशी और मधेश प्रदेश से कुल 38 लोगों को हिरासत में लिया गया है। क्षेत्र में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि ड्रोन के माध्यम से भी लगातार निगरानी की जा रही है।
देवानगंज में कांवड़ यात्रा को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे तराई-मधेश के कई जिलों तक फैल गया था। इसके चलते सुनसरी, सप्तरी, सिरहा, धनुषा और पर्सा सहित कई जिलों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बाद में सरकार, विभिन्न राजनीतिक दलों, धार्मिक नेताओं और नागरिक समाज के संयुक्त प्रयासों से हालात में सुधार आया।घटना के बाद सरकार की प्रारंभिक निष्क्रियता को लेकर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने आलोचना भी की थी। इसके बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई और देशवासियों के नाम संदेश जारी किया। वहीं गृह मंत्री सुदन गुरुङ तथा स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता को सुनसरी भेजकर स्थिति की समीक्षा कराई गई। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।




