लोकतंत्र के मंदिर संसद और भगवा का अपमान देश की जनता को स्वीकार नहीं – प्रेम रंजन पटेल!

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:- रवि शंकर अमित!


सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा संसद के मकर द्वार पर भगवा वस्त्र धारण कर कथित साधु के वेश में किया गया प्रदर्शन लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय गरिमा पर गंभीर अपमान है। जनप्रतिनिधि के द्वारा संसद परिसर का उपयोग राजनीतिक नौटंकी के मंच के रूप में किया जाना यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
संसद देश के लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है। इसकी गरिमा, पवित्रता और मर्यादा का सम्मान करना प्रत्येक सांसद का संवैधानिक और नैतिक दायित्व है। भगवा रंग करोड़ों लोगों की आस्था, त्याग, तपस्या और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक माना जाता है। किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक प्रतीक का राजनीतिक प्रदर्शन के लिए ऐसा उपयोग व्यापक असहमति और आहत भावनाओं को आहत करने वाला है।
बिहार लोकतांत्रिक परंपराओं की ऐतिहासिक भूमि है, ऐसी भूमि का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधि द्वारा संसदीय गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बिहार और बिहार की जनता का अपमान है। संसद की पवित्रता और उसकी गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ जनता वर्दाश्त नहीं करेगी।
संसद की गरिमा तथा संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप आचरण न करने के वाले के खिलाफ आवश्यक करवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र की संस्थाओं का सम्मान किसी दल या व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का दायित्व बनता है।
_ प्रेम रंजन पटेल
प्रदेश प्रवक्ता भाजपा

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