रिपोर्टर– राजीव कुमार झा
मधुबनी जिले के जयनगर मे भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) बगही, खैरामाट क,ख,ग ब्रांच तथा बिहार राज्य किसान सभा अंचल जयनगर द्वारा बेला बांध चौक पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला फूंक विरोध दर्ज किया।
पुतला दहन स्थल पर प्रतिरोध सभा का आयोजन किया गया जिसका अध्यक्षता कॉमरेड उपेन्द्र कुमार यादव ने की।
उक्त कार्यक्रम को लोकल कमिटी सचिव कॉमरेड कुमार राणा प्रताप सिंह, लोकल कमिटी सदस्य कॉमरेड चन्देश्वर प्रसाद,श्याम प्रसाद गुप्ता, गनेशी यादव, बबलू गुप्ता, नागेश्वर यादव,डी वाई एफ आई के सुनील कुमार सिंह,सहदेव पासवान के साथ ही अन्य लोगों ने सम्बंधित किया।
सभा को संबंधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी एन टी ए 2017 एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति एन ई पी 2020 को सरकार रदद् करें, केन्द्र सरकार के इसारे पर सोनम वांगचुक को जंतर मंतर भूखहड़ताल स्थल से सादे कपड़ों में स्वास्थ्य का बहाना बनाकर गिरफ्तार करना घोर निदनीय कार्य किया गया, जंतर मंतर पर चल रहे आन्दोलतमक कार्यक्रम में सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए न कि दमन का यह लोकतंत्र का सरासर अपमान है। पार्टी सीपीआई (एम) शांतिपूर्ण आंदोलन के पक्षधर है, लेकिन दमन और लाठीचार्ज की राजनीति देश के लोकतंत्र को कमजोर करती है, लोकतंत्र में असहमति रखना हर नागरिक का अधिकार है। सरकार को चाहिए कि वह आंदोलन कारियों से बात करें उनके मांगो को गम्भीरता से सुने और समाधान करें। न कि दमन कारी नीति अपना कर छात्र, छात्राओं एवं उनके समर्थकों पर पुलिसिया कार्रवाई कर अपने जनता को मौत के घाट उतार दे। आगे बर्ताव ने कहा है कि
आप सभी को जान कर ताजुब होगा कि बिहार की बेटी एस. एफ.आई. के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड क्रांति कुमारी द्वारा नालंदा जिला के नगरनौसा प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन के क्रम में कुल 39 बच्चों, बच्ची को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आज के तारिख में कॉमरेड क्रांति कुमारी सहित 7 छात्र नेता अभी भी जेल में बन्द है उसे बिना शर्त रिहाई किया जाना चाहिए। राज्य सरकार से लेकर केन्द
र सरकार तक विपक्ष के आवाज को दबाने का काम कर रही है। ऐसा करना लोकतंत्र का हत्या है। इन सभी बातो को लेकर मार्क्स बादी बिचारधारा के लोग आंदोलन के लिए बाध्य होगी। हमारा आंदोलन आगे और तेज होगा। सरकार से ना तो छात्र खूश है, ना ही नौजवान, किसान, मजदूर, कामगार, सब के सब परेशान है। देश भर मे भारी असंतोष का माहौल व्याप्त है। सरकार अपने नाकामयाबी को छूपाने के लिए जहां लोगो को गुमराह कर रही है, वही लोगो को भयभीत कर रही ही। ऐसा ज्यादे दिनों तक चलनेवाली नही है।



