:- रवि शंकर अमित!
पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत चिरैया पंचायत के रहने वाले किसान परिवार के लाल निशांत कुमार ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर पूरे क्षेत्र का नाम रौशन किया है। बाढ़ प्रभावित और संसाधनों की कमी वाले दियारा इलाके से आने के बावजूद निशांत ने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने नीट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 23,331 और कैटेगरी रैंक 11,160 प्राप्त की है। अपनी इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए निशांत ने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अपने दियारा क्षेत्र के निवासियों, गरीबों, निस्सहायों और दिव्यांगों के लिए एक अस्पताल का निर्माण करवाएंगे, ताकि किसी भी जरूरतमंद को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।
छात्र निशांत ने बताया कि वह दो साल पटना में रहकर पढाई की। उन्हें शुरुआत में खुद पर भरोसा नहीं था उन्हें लगता था कि उन्हें नीट क्वालीफाई होगा या नहीं होगा, वह घर से बाहर रहते थे तो उनके माता-पिता उन्हें हमेशा ढाढस बांधते रहते थे, वह दो भाई एक बहन है। बड़ी बहन एमबीबीएस फाइनल ईयर में है, उनकी बहन भी काफी मदद करती थी। वह लगभग 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे।
छात्र की मां सरिता कुमारी ने बताया कि शुरुआत में इसे लगता था कि नीट क्वालीफाई नहीं होगा लेकिन वह समझाती थी, बचपन से वह पढ़ने में बहुत तेज था हमेशा क्लास में फर्स्ट आता था। निशांत 12वीं में पीएचडी से पास किया जिसमें इन्हें 95% स्कॉलरशिप मिला था।
छात्र के पिता मधुकांत प्रसाद ने कहा कि इनका चार साल का एमबीबीएस कोर्स करने के बाद पीजी करना है और जो विभाग मिलेगा उसी विभाग के अनुसार कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि वह दियारा क्षेत्र की बदहाली से रूबरू है वह मैट्रिक की पढ़ाई के लिए घर से जबरदस्ती बख्तियारपुर शहर आ गए थे उनके पिता चाहते थे कि वह पर लिखकर डॉक्टर बने लेकिन वह डॉक्टर नहीं बन पाए। उन्होंने अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए तीनों बच्चों को डॉक्टर बना रहे हैं। उनके बेटे की एमबीबीएस की पढ़ाई कंप्लीट होने के बाद वह बख्तियारपुर और पटना में मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल खोलेंगे, जिससे दियारा क्षेत्र के लोगों का बेहतर उपचार प्राथमिकता होगी और गरीब असहाय लोगों का निशुल्क इलाज किया जाएगा।
बाइट – छात्र व परिजन




