रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार
गयाजी।पितृपक्ष मेला 2026: 26 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित है।
नगर निगम गयाजी के नगर आयुक्त डॉ गगन ( भाप्रसे ) ने कहा कि इस बार “हाईटेक और स्वच्छ” मेला बनाने पर फोकस किया है। यह निर्णय बोर्ड की बैठक में लिया गया।बैठक की अध्यक्षता मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने किया। डॉ गगन ने कहा कि मेरी प्राथमिकता श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल देना है।
उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान सफाई और सौंदर्यीकरण के अलावे
अतिरिक्त सफाईकर्मी आधुनिक मशीनें मेला क्षेत्र और शहर की सफाई के लिए अतिरिक्त स्टाफ और मशीनों की तैनाती है।
डॉ गगन के अनुसार महाकुंभ की तर्ज पर सफाई शहर को 4 जोन और 54 सेक्टर में बांटकर आउटसोर्सिंग से सफाई। 30,000 अतिरिक्त सफाईकर्मी शिफ्ट में रहेगा।
फल्गु नदी ट्रैश क्लीनिंग बोट से लगातार सफाई। कुंभ की तरह वोट से सफाई की नई पहल की जाएगी।
तालाबों का सौंदर्यीकरण: सूर्यकुंड, अंदर गया, चांदचौरा सहित सभी तालाबों की सफाई और सजावट भी होगी।
उन्होंने कहा कि घाट, प्रकाश और बुनियादी सुविधा
घाटों की सफाई लाइट : फल्गु नदी तट के घाटों पर विशेष इंतजाम। प्रकाश व्यवस्था मजबूतीकरण।
लाइट एंड साउंड सिस्टम : मेला क्षेत्र में स्थायी लाइट-साउंड सिस्टम विकसित किया जा रहा
उन्होंने कहा कि हाईमास्ट लाइट : 49 हाईमास्ट, 34 मिनी हाईमास्ट, 3500 स्ट्रीट लाइट, 7500 तिरंगा रोप लाइट की व्यवस्था की जाएगी।
पेयजल : 96 जगहों पर 299 हैंडपंप, 43 प्याऊ, 620 नल, 20 टैंकर, 4 वाटर एटीएम होगा।
उन्होंने कहा कि शौचालय/स्नानागार : 633 स्थायी शौचालय की मरम्मत, 240 अस्थायी शौचालय, 131 स्नानागार रहेगा।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा और यातायात
स्वास्थ्य : 70 स्वास्थ्य शिविर, 125 डॉक्टर, 178 पैरामेडिकल स्टाफ। अस्पतालों में बेड रिजर्व 12 ALS एंबुलेंस, 2 शव वाहन मौजूद रहेगा।
भीड़ प्रबंधन : एसडीआरएफ, अग्निशमन, स्टाम्पीड रोकथाम की व्यवस्था रहेगी।
पार्किंग : 16 स्थान चिन्हित – सिकड़िया मोड़, गया कॉलेज, प्रेतशिला, केंदूई आदि।
टेक्नोलॉजी: वेबसाइट “पिंडदान गया” मोबाइल ऐप। इसमें आवास, घाट, अस्पताल, बैंक की जानकारी रहेगी।
आवास और अन्य
टेंट सिटी :श गांधी मैदान में टेंट सिटी की व्यवस्था रहेगी।
समन्वय : जिला प्रशासन + स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर काम को अंजाम दिया जाएगा।
मेयर डॉ वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान का कहना है इस बार पिछले साल से ज्यादा तीर्थयात्री आने की संभावना है, इसलिए तैयारी “युद्धस्तर” पर हो रही है। लक्ष्य है गया को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मेला बनाना ।
पिंडदान के लिए भीड़ फल्गु तट, विष्णुपद मंदिर, प्रेतशिला, रामशिला पर सबसे ज्यादा रहती है वहाँ की व्यवस्था सुदृढ रहेगी।




