रिपोर्ट- आशुतोष पांडेय
आरा, 16 जुलाई। शहर के ऐतिहासिक श्री हनुमान मंदिर, बड़ी मठिया मंदिर परिसर में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। पूज्य जीयर स्वामी जी महाराज के प्रधान शिष्य पूज्य अयोध्यानाथ स्वामी जी महाराज की अध्यक्षता एवं देखरेख में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और शहर के गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
मंदिर परिसर में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रथ यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे परिसर में जय जगन्नाथ के जयघोष और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर पूज्य अयोध्यानाथ स्वामी जी महाराज ने रथ यात्रा के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शास्त्रों में वर्णित है— “रथे तु वामनं दृष्ट्वा पुनर्जन्म न विद्यते” अर्थात रथ पर विराजमान भगवान के दर्शन मात्र से मनुष्य जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा समानता और समरसता का भी संदेश देती है, क्योंकि इस दिन भगवान स्वयं गर्भगृह से बाहर आकर सभी भक्तों को बिना किसी भेदभाव के दर्शन देते हैं।
उन्होंने रथ यात्रा की पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि बहन सुभद्रा की नगर भ्रमण की इच्छा पूरी करने के लिए भगवान जगन्नाथ और बलभद्र उन्हें रथ पर बैठाकर निकले थे। तभी से रथ यात्रा की परंपरा चली आ रही है।
रथ यात्रा के उपरांत विशेष पूजा, आरती एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।




