संस्कृत का अपमान देश की सांस्कृतिक चेतना का अपमान- प्रेम रंजन पटेल!

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:- रवि शंकर अमित!


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल का प्रेस वक्तव्य।

संस्कृत का अपमान देश की सांस्कृतिक चेतना का अपमान — कांग्रेस अपने सांसद पर कार्रवाई करे_ _प्रेम रंजन पटेल

पटना, 16 जुलाई 2026
कांग्रेस सांसद जावेद अहमद द्वारा संस्कृत भाषा के विरुद्ध की गई टिप्पणी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, आपत्तिजनक और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को आहत करने वाली है।
संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, संस्कृति और सभ्यता की आधारशिला है। यह दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित भाषाओं में से एक मानी जाती है। भारत के दर्शन, वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, योग, गणित, खगोलशास्त्र, व्याकरण, साहित्य और आध्यात्मिक परंपरा का विशाल ज्ञान संस्कृत में सुरक्षित है, ऐसी भाषा के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना भारत की सांस्कृतिक विरासत और जनभावनाओं का अनादर है। लोकतंत्र में मतभेद का अधिकार है, लेकिन किसी भाषा या सांस्कृतिक धरोहर के प्रति अपमान स्वीकार्य नहीं हो सकता।
कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह अपने सांसद के इस बयान से सहमत है। यदि नहीं, तो उसे तत्काल सार्वजनिक रूप से इस बयान से दूरी बनानी चाहिए और संबंधित सांसद के विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करे।
संस्कृत किसी एक दल, वर्ग या समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे भारत की साझा धरोहर है। इसकी गरिमा पर आघात देश की आत्मा पर आघात के समान है।
कांग्रेस को तुष्टिकरण की राजनीति छोड़कर देश की सांस्कृतिक अस्मिता का सम्मान करे और अपने सांसद के गैर-जिम्मेदाराना बयान पर तत्काल कार्रवाई करे।
_ प्रेम रंजन पटेल
प्रदेश प्रवक्ता भाजपा

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