रिपोर्ट – मलय झा!
किशनगंज पुलिस द्वारा बिशनपुर थाना क्षेत्र में हुये रिजवान आलम हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर लिया है! पुलिस के अनुसार,
पत्नी ही निकली पति की कातिल, पत्नी ने प्रेमी अनवर के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी! पत्नी ने अपने प्रेमी अनवर के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया था, लेकिन पकड़ी ही गई!
अनवर के एक फोन कॉल एवं तकनीकी अनुसंधान ने हत्या के राज का कर दिया पर्दाफाश ।
हत्या के आरोप में पुलिस ने मृतक की पत्नी डेजी परवीन और प्रेमी अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है! साथ ही हत्या मे इस्तेमाल लोहे के रॉड को नदी से एवं मोबाईल फोन को मोहल्ला के एक स्थान पर जमीन के अन्दर से बरामद कर लिया है! दिनांक-04.07.2026 को मृतक के पिता नजीर आलम के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर अनुसंधान आरम्भ किया था!
दिनांक 04.07.2026 को सुबह में सूचना मिला कि रिजवान आलम अपने कमरे में सो रहा था तभी किसी ने उसकी हत्या कर दी है और लाश बिस्तर पर पड़ा हुआ है, बिस्तर पर साथ मे मृतक की पत्नी डेजी परवीन एवं छोटी पोती भी सोयी हुई थी।
पुलिस अधीक्षक, किशनगंज के निर्देशन में एसडीपीओ खुसरू सिराज के नेतृत्व में टीम गठित कर जाँच शुरु की गई और मामले का पर्दाफाश हो गया! मृतक दुबई में रहता था इसी बीच उसकी पत्नी का प्रेम संबंध अनवर से हो गया, संबंध भी ऐसा की पति को ही मौत के घाट उतार दिया!
अनुसंधान के क्रम में मृतक की पत्नी डेजी परवीन का संदिग्ध व्यवहार एवं बार-बार घर मे चोरी होने और अज्ञात चोर के द्वारा पति की हत्या करने की बात बतायी जा रही थी और पुलिस को गुमराह करने की लगातार कोशिश हो रही थी । परंतु तकनीकी आधार पर पूछ-ताछ में पाया गया कि मृतक की पत्नी एक व्यक्ति से लगातार
सम्पर्क में थी जिसका नाम पूछने पर मृतक की पत्नी ने उसका नाम अनवर हुसैन बताया।
तकनीकी अनुसंधान मे पत्नी के सहयोगी व प्रेमी अनवर का घटना की रात्रि में किये गये फोन कॉल के आधार पर पूछ-ताछ किया गया तो उसने घटना मे अपनी संलिप्ता स्वीकार करते हुए बताया की डेजी परवीन से करीब 09 साल से प्रेम करता है, डेजी के पति कुवैत मे काम करता था और दो साल पर करीब डेढ़ दो माह के लिये विदेश से बिशनपुर आता था और फिर चला जाता था। जिससे हमलोगो के बीच मिलने जुलने में कोई दिक्कत नहीं हो रहा था। इस बार डेजी के पति को हम दोनों के जान पहचान के बारे में पता चल गया था और वह इस बार विदेश नही जाकर बिशनपुर मे ही रह कर काम करने का मन बना लिया था तो डेजी के द्वारा मुझे बार-बार रिजवान को मारने के लिये फोन पर और मिलकर भी दबाब बनाया जा रहा था,डेजी कहती थी,इसे रास्ते से जल्दी हटाओं नही तो हमलोग पकड़े जायेगें। डेजी पति से ज्यादा मुझसे ही प्यार करती थी, और मेरे साथ ही रहने को तैयार थी तो हम दोनों ने मिलकर रिजवान की हत्या करने की योजना बनाई । योजना के अनुसार डेजी को अलग से एक छोटा मोबाईल बात करने के लिये दिया था उसी पर 12 बजे रात्रि में कॉल कर डेजी से बात किया तो वह बोली की मेरा पति सो रहा है तुम अभी मेरे घर आ जाओं हम रूम का गेट खोल देंगें और तुम हत्या कर भाग जाना। लगभग 01-02 बजे के बीच रात्रि मे मै अपने घर से रॉड लेकर डेजी के घर का दिवार फांद कर दूसरे मंजिल पर पहुँच गया जहां रिजवान सोया हुआ था, वहां पर डेजी के कमरे से बाहर निकलने का इंतजार करने लगा। लगभग एक घंटा इंतजार करने के बाद डेजी अपने कमरे से बाहर निकलकर बोली कि रिजवान गहरे नींद में सो रहा है। तब मै उसके साथ कमरे में गया तो देखा कि रिजवान सोया था इसी दौरान रॉड उसके सिर पर जोरदार कई वार करके उसकी हत्या कर दी!
विशेष टीम के द्वारा अनवर के निशानदेहीं पर नदी के पानी के अन्दर से हत्या मे इस्तेमाल लोहे का रड, और गाँव के बांसवाड़ी से जमीन के अन्दर छुपा कर रखा गया मोबाइल आदि भी बरामद कर लिया है, इसके साथ ही दोनों को जेल भेज़ दिया गया है!
शंखनाद के लिये मलय झा की रिपोर्ट!




