पटना से अमित कुमार की रिपोर्ट
मुकेश सहनी उन्होंने सरकार द्वारा 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अब इसकी जरूरत महसूस हो रही है तो इसका सीधा मतलब है कि पिछले 20 साल में नीतीश सरकार कानून व्यवस्था के मामले में फेल रही है। उनका कहना था कि सरकार को पहले अपने पुराने वादे पूरे करने चाहिए उसके बाद ही नई योजनाओं की बात करनी चाहिए।
सड़कों पर टैक्स लगाने के फैसले पर भी उन्होंने सरकार को घेरा और तंज कसते हुए कहा कि आने वाले समय में शायद कपड़ा पहनने और सांस लेने पर भी टैक्स लगा दिया जाए। उनके अनुसार सरकार का पूरा ध्यान जनता से पैसा वसूलने पर है।
यूपी में नजरबंदी के मुद्दे पर बोलते हुए साहनी ने वहां की स्थिति को अघोषित इमरजेंसी जैसा बताया, लेकिन साथ में ये भी कहा कि चुनाव आने वाले हैं और जनता इसका जवाब देगी। लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को दोबारा सुरक्षा दिए जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार पहले एक फैसला लेती है फिर उसे खुद ही बदल देती है। इससे साफ है कि सरकार के पास कोई ठोस काम नहीं है और वो सिर्फ मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने ये भी पूछा कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा कैसे होगी और रोजगार योजनाओं का पैसा उन्हें कब मिलेगा।
बीजेपी विधायक राजू सिंह को 4 साल की सजा मिलने पर साहनी ने कहा कि ऐसे मामलों में कम से कम 14 साल की सजा होनी चाहिए थी। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है भले ही उन्हें लगता है कि कुछ रियायत दी गई है।




