:- ब्यूरो रिपोर्ट!
बाढ़ – मानवीय संवेदना को तार-तार करने वाली एक तस्वीर बाढ़ से सामने आई है, जहां रेल पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख दिया। बाढ़ कोर्ट हॉल्ट पर अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से 42 वर्षीय मनीष कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान बाढ़ प्रखंड के भटगांव निवासी के रूप में हुई है। बताया जाता है कि मनीष कुमार रेलवे लाइन के किनारे-किनारे हॉल्ट की तरफ जा रहे थे, तभी अचानक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही रेल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर बाढ़ रेलवे स्टेशन ले आई। इसके बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दी।
इस घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने में भारी लापरवाही बरती। बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में शवों को लाने और ले जाने के लिए सरकारी एम्बुलेंस की व्यवस्था मौजूद है, लेकिन रेल पुलिस ने उसका उपयोग करना मुनासिब नहीं समझा। परिजनों ने एक ठेला का इंतजाम किया और मृतक के शव को ठेले पर लादकर अस्पताल ले गए।
इसके लिए परिजनों ने ठेले वाले को आठ सौ रुपये का भुगतान किया, तब जाकर शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया जा सका। खुले ठेले पर एक इंसान के शव को इस तरह ले जाते देख आमलोग दंग रह गए। रेलवे स्टेशन और अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर तमाम आधुनिक और सरकारी सुविधाएं मौजूद होने के बावजूद, यह घोर लापरवाही प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है।
रेल थाना अध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम हेतू भेजने के दौरान मृतक के परिजन वहीं मौजूद थे, इस घटना की जांच करने वाले पदाधिकारी बिसंबर सिंह को उन्होंने शव वाहन से बाॅडी भेजने को कहा था लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जांच पदाधिकारी को फटकार भी लगाई है।
बाइट – परिजन



