बाढ़ में अवैध मिट्टी कटाई से खतरे में जमींदारी बांध का अस्तित्व!

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:- रवि शंकर अमित!

– मोकामा बख्तियारपुर फोरलेन पर बाढ़ प्रखंड अंतर्गत भेटगांव के पास जमींदारी बांध रातों रात अवैध मिट्टी कटाई की भेंट चढ़ गया। ग्रामीण जब सुबह घर से बाहर निकले, तब जमींदारी बांध की स्थिति देख हैरान रह गए। यह बांध सैकड़ों साल से आस पास के दस गांवों के दस हजार से अधिक लोगों के आवागमन का रास्ता है। यह सैकड़ों ग्रामीणों के रोज मोकामा बख्तियारपुर फोरलेन तक जाने का भी रास्ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जमींदारी बांध के पास कुछ दबंग लोगों का खेत है, जिन्होंने जेसीबी से रातों रात मिट्टी काटकर बांध को अपने खेत में मिला लिया। बारिश का मौसम आते ही सैकड़ों साल पुराने जमींदारी बांध का अस्तित्व ही मिट जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि फोरलेन प्रोजेक्ट निर्माण के दौरान उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों से किसी तरह यह रास्ता छुड़वाया था। अब फोरलेन और बाढ़ शहर तक जाने का यह रास्ता मिट जाने से हजारों लोग इससे प्रभावित होंगे। जमींदारी बांध पर मिट्टी की कटाई से अब बीस फीट चौड़ा यह बांध केवल चार से पांच फीट ही रह गया है। जिसके बारिश में मिट जाने का खतरा पैदा हो गया है। जमींदारी बांध से दस गांवों की बाढ़ के पानी से सुरक्षा पर भी संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने जमींदारी बांध की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन से भू माफिया पर कार्रवाई की मांग की है।
बाढ़ अनुमंडल के लिए सबसे बड़ी विडंबना है कि अवैध मिट्टी खनन को रोकने के लिए व्यवस्था ही नही है, खनन विभाग के अधिकारी को पटना से आना पड़ता है, तबतक माफिया अपना काम पूरा कर लेते है, बाढ़ एसडीओ और सीओ तक शायद यह शिकायत पहुंच ही नही पाती।

बाइट – ग्रामीण

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