आरा/आशुतोष पाण्डेय
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एंकर/ भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण में अब न्यायिक जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार सरकार द्वारा नियुक्त सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा गुरुवार को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने घटनास्थल और पूरे घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। इस दौरान उनके साथ शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी, भोजपुर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण की न्यायिक जांच गुरुवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई। मामले की जांच के लिए बिहार सरकार द्वारा नियुक्त सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा बिलौटी गांव पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लेने के साथ-साथ पूरे मामले से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान न्यायिक टीम ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली। इस मौके पर शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी सत्य प्रकाश, भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया और पुलिस अधीक्षक राज सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में न्यायिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और घटना से जुड़े तथ्यों को संकलित किया गया।
गौरतलब है कि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, जिसके बाद बिहार सरकार ने मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया था। अब सेवानिवृत्त न्यायाधीश के गांव पहुंचने के साथ ही इस बहुचर्चित मामले की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की तस्वीर और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल न्यायिक जांच की शुरुआत के साथ ही बिलौटी गांव और पूरे भोजपुर जिले की निगाहें इस जांच पर टिक गई हैं। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और इस बहुचर्चित एनकाउंटर मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।




