नवादा / सोनू सिंह ।
कथित पुलिस मुठभेड़ में सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की मौत के विरोध में नवादा जिले में आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है। देर शाम हजारों की संख्या में युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया तथा कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग की।
नवादा शहर में नगर थाना के समीप से प्रारंभ हुआ यह कैंडल मार्च विभिन्न मार्गों से होता हुआ भगत सिंह चौक पर जाकर समाप्त हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियां और बैनर लेकर सरकार एवं पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की। भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच से जुड़े कई जनप्रतिनिधि, जिनमें दीपू सिंह, मनीष सिन्हा, विपिन सिंह, विकास भारद्वाज और गौरव भारद्वाज सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। मार्च के दौरान “न्याय दो भरत तिवारी को” तथा “भ्रष्टाचार मुर्दाबाद” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों द्वारा सम्राट चौधरी पर भी हत्या कराने का आरोप लगाया गया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि भरत तिवारी क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और सरकारी तंत्र की खामियों के विरुद्ध निरंतर आवाज उठा रहे थे। इसी कारण उन्हें साजिश के तहत निशाना बनाया गया। युवाओं ने यह भी दावा किया कि भरत तिवारी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उन पर गोली चलाई गई, जिसे उन्होंने फर्जी मुठभेड़ बताया।
हालांकि, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा उच्चस्तरीय न्यायिक जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं, फिर भी लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जांच निष्पक्ष हो तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
भरत तिवारी की मृत्यु के बाद नवादा सहित बिहार के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जो युवाओं में बढ़ते आक्रोश को दर्शाते हैं।



